{"_id":"68e580a15edfbadf03051fe8","slug":"rainfall-affects-crops-causing-more-damage-to-ripe-and-harvested-crops-bareilly-news-c-4-1-bly1039-741555-2025-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बारिश से फसलें प्रभावित, पकी और कटी फसल को अधिक नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बारिश से फसलें प्रभावित, पकी और कटी फसल को अधिक नुकसान
विज्ञापन
गांव सुल्तानपुर में बरसात के पानी में डूबी कटी धान की फसल
धान, तिल, उड़द और बाजरा की फसलें तेज हवा के कारण खेतों में ही गिरीं
बरेली। मंगलवार सुबह हुई बारिश से खरीफ फसलों का काफी नुकसान पहुंचा है। इनमें धान, तिल, उड़द और बाजरा की फसलें तेज हवा के कारण खेतों में ही गिर गईं। खेतों में पानी भरने से सबसे अधिक नुकसान पकी और खेत में कटी पड़ी फसलों में होना बताया जा रहा है। हालांकि, किसान सुबह से ही बारिश के बीच भीगते हुए अपने खेत में भरे पानी को निकालने की कोशिश में लग गए थे। कई किसान बारिश के पानी में डूबी कटी पड़ी धान की फसल को उठाकर मेड़ पर रखकर सुखाने की कोशिश में थे।
किसानों ने बताया कि एक घंटे तक तेज हवा के बीच हुई बारिश से धान की कटी फसल खेतों में ही पानी में गिर गई। किसान आल्यार खां ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान धान की कटी पड़ी फसल को हुआ है। चार बीघा फसल खेत में कटी हुई थी, जो पानी में डूब गई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला समन्वयक दीपक पटेल ने बताया कि जिले में 20,275 किसानों ने फसल का बीमा कराया था। इसमें धान की फसल ही शामिल है। तिल, बाजरा और उड़द की फसल का किसानों ने बीमा नहीं कराया है। उन्होंने बताया कि खरीफ फसलों की बीमा के लिए दो प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित है। इसमें धान की एक हेक्टेयर फसल पर प्रीमियम का 1610 रुपये की दर से किसानों ने जमा कर रखा है। इसी तरह एक हेक्टेयर बाजरा फसल के लिए 910, उड़द के लिए 1650 और तिल की फसल के लिए 234 रुपये प्रीमियम निर्धारित है। उन्होंने बताया कि फसल बीमा कराने वाले किसानों की उपज में यदि बारिश से पांच प्रतिशत भी नुकसान हुआ है तो उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा। संवाद
विज्ञापन
-- -- -- -- -
खेत में गिरे फसल देख किसान परेशान
मीरगंज। धान की कटी फसलों में बरसात का पानी भर गया है। गांव अत्तू नगला के किसान पूरन ने बताया कि उन्होंने सोमवार से धान की फसल की कटाई शुरू की थी। उनकी कटी फसल में पानी भर गया है। वह बारिश समाप्त होने के बाद कटी धान की फसल को सुखाने के लिए मेड़ पर रख रहे थे।
नवाबगंज। बारिश में किसानों का मंडी में सूख रहा धान भीग गया है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अरविंद सिंह राठी ने बताया कि मंडी समिति और क्रय केंद्रों पर रखा धान तिरपाल से ढका गया है। कुछ धान को टिनशेड के नीचे रखाया गया है। तेज हवा के साथ हुई बारिश में किसानों की धान की फसलों को खेतों में गिर गई है।
सेंथल। क्योलड़िया क्षेत्र में किसानों की धान की फसल बारिश होने से प्रभावित हुई है। क्योलड़िया के किसान रविंद्र कुमार ने बताया कि उनकी चार एकड़ धान की फसल खेत में गिर गई है और बारिश का पानी खेत में भर गया है।
बिशारतगंज । भारी बारिश से धान की पकी व कटी फसल के अलावा सब्जी की फसलों को क्षति हुई है। खेतों में पानी भर जाने से किसान परेशान हैं।
बहेड़ी । मंडी यार्ड में पड़ा किसानों का धान सोमवार शाम को ही तौलकर यार्ड के टिनशेड में रख दिया गया था। तेज हवा के बीच हुई बारिश से सरबती प्रजाति के धान की फसल खेत में गिर गई है। किसानों का कहना है मोटे धान की फसल को अभी नुकसान नहीं है।
-- -- --
सरकारी खरीद भी हुई प्रभावित
डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय ने बताया कि तीन अक्टूबर से जिले के सभी 122 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हुई थी। शहर गल्ला मंडी में खुले क्रय केंद्र पर करीब 200 क्विंटल धान खरीदा जा सका था। लेकिन, बारिश होने से धान की फसल की कटाई-मड़ाई प्रभावित हुई है। इससे क्रय केंद्रों पर अब अगले दो-तीन दिन तक सन्नाटा रहने की उम्मीद है।
-- --
बेमौसम बारिश से खरीफ फसलों में धान, तिल, उड़द, बाजरा फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसमें उन फसलों को अधिक नुकसान हुआ है, जो पकी और कटी खेत में सूखने के लिए पड़ी थीं। जिन क्षेत्र में फसलों में नुकसान होने की शिकायत मिलेगी। वहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लाभ देने के लिए सर्वे कराएंगे।
- अमर पाल सिंह, उप कृषि निदेशक
विज्ञापन
बरेली। मंगलवार सुबह हुई बारिश से खरीफ फसलों का काफी नुकसान पहुंचा है। इनमें धान, तिल, उड़द और बाजरा की फसलें तेज हवा के कारण खेतों में ही गिर गईं। खेतों में पानी भरने से सबसे अधिक नुकसान पकी और खेत में कटी पड़ी फसलों में होना बताया जा रहा है। हालांकि, किसान सुबह से ही बारिश के बीच भीगते हुए अपने खेत में भरे पानी को निकालने की कोशिश में लग गए थे। कई किसान बारिश के पानी में डूबी कटी पड़ी धान की फसल को उठाकर मेड़ पर रखकर सुखाने की कोशिश में थे।
किसानों ने बताया कि एक घंटे तक तेज हवा के बीच हुई बारिश से धान की कटी फसल खेतों में ही पानी में गिर गई। किसान आल्यार खां ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान धान की कटी पड़ी फसल को हुआ है। चार बीघा फसल खेत में कटी हुई थी, जो पानी में डूब गई है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला समन्वयक दीपक पटेल ने बताया कि जिले में 20,275 किसानों ने फसल का बीमा कराया था। इसमें धान की फसल ही शामिल है। तिल, बाजरा और उड़द की फसल का किसानों ने बीमा नहीं कराया है। उन्होंने बताया कि खरीफ फसलों की बीमा के लिए दो प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित है। इसमें धान की एक हेक्टेयर फसल पर प्रीमियम का 1610 रुपये की दर से किसानों ने जमा कर रखा है। इसी तरह एक हेक्टेयर बाजरा फसल के लिए 910, उड़द के लिए 1650 और तिल की फसल के लिए 234 रुपये प्रीमियम निर्धारित है। उन्होंने बताया कि फसल बीमा कराने वाले किसानों की उपज में यदि बारिश से पांच प्रतिशत भी नुकसान हुआ है तो उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा। संवाद
विज्ञापन
खेत में गिरे फसल देख किसान परेशान
मीरगंज। धान की कटी फसलों में बरसात का पानी भर गया है। गांव अत्तू नगला के किसान पूरन ने बताया कि उन्होंने सोमवार से धान की फसल की कटाई शुरू की थी। उनकी कटी फसल में पानी भर गया है। वह बारिश समाप्त होने के बाद कटी धान की फसल को सुखाने के लिए मेड़ पर रख रहे थे।
नवाबगंज। बारिश में किसानों का मंडी में सूख रहा धान भीग गया है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अरविंद सिंह राठी ने बताया कि मंडी समिति और क्रय केंद्रों पर रखा धान तिरपाल से ढका गया है। कुछ धान को टिनशेड के नीचे रखाया गया है। तेज हवा के साथ हुई बारिश में किसानों की धान की फसलों को खेतों में गिर गई है।
सेंथल। क्योलड़िया क्षेत्र में किसानों की धान की फसल बारिश होने से प्रभावित हुई है। क्योलड़िया के किसान रविंद्र कुमार ने बताया कि उनकी चार एकड़ धान की फसल खेत में गिर गई है और बारिश का पानी खेत में भर गया है।
बिशारतगंज । भारी बारिश से धान की पकी व कटी फसल के अलावा सब्जी की फसलों को क्षति हुई है। खेतों में पानी भर जाने से किसान परेशान हैं।
बहेड़ी । मंडी यार्ड में पड़ा किसानों का धान सोमवार शाम को ही तौलकर यार्ड के टिनशेड में रख दिया गया था। तेज हवा के बीच हुई बारिश से सरबती प्रजाति के धान की फसल खेत में गिर गई है। किसानों का कहना है मोटे धान की फसल को अभी नुकसान नहीं है।
सरकारी खरीद भी हुई प्रभावित
डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय ने बताया कि तीन अक्टूबर से जिले के सभी 122 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हुई थी। शहर गल्ला मंडी में खुले क्रय केंद्र पर करीब 200 क्विंटल धान खरीदा जा सका था। लेकिन, बारिश होने से धान की फसल की कटाई-मड़ाई प्रभावित हुई है। इससे क्रय केंद्रों पर अब अगले दो-तीन दिन तक सन्नाटा रहने की उम्मीद है।
बेमौसम बारिश से खरीफ फसलों में धान, तिल, उड़द, बाजरा फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसमें उन फसलों को अधिक नुकसान हुआ है, जो पकी और कटी खेत में सूखने के लिए पड़ी थीं। जिन क्षेत्र में फसलों में नुकसान होने की शिकायत मिलेगी। वहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लाभ देने के लिए सर्वे कराएंगे।
- अमर पाल सिंह, उप कृषि निदेशक