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रेलवे के 173 साल पूरे : बरेली ने 152 साल में देखे कई उतार-चढ़ाव
Thu, 16 Apr 2026 03:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 16 Apr 2026 03:15 AM IST
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बरेली। देश में पहली ट्रेन बृहस्पतिवार को अपनी पहली यात्री ट्रेन सेवा के 170 वर्ष पूरे कर लेगी। 16 अप्रैल 1853 को बॉम्बे (अब मुंबई) से ठाणे के बीच भारत की पहली ट्रेन चली थी। इसके महज 20 साल बाद 1873 में बरेली जंक्शन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया। अवध और रुहेलखंड रेलवे ने एक नवंबर 1873 को लखनऊ-बरेली के बीच पहली गाड़ी चलाई। इसके बाद 22 दिसंबर 1873 को मुरादाबाद-बरेली के बीच ट्रेन चली।
बरेली में रेलवे के 153 साल के इतिहास में कई उतार-चढ़ाव आए। मीटरगेज रेल लाइन पर कोयला, पानी और भाप के इंजन से शुरू हुआ रेलवे का सफर अब वंदे भारत जैसी सेमी हाईस्पीड लग्जरी गाड़ी तक पहुंच गया है। बरेली से होकर अब रोजाना औसतन 200 गाड़ियां गुजरती हैं।
बरेली जंक्शन से देश के कोने-कोने के लिए गाड़ियां उपलब्ध हैं। बरेली को ब्रिटिश हुकूमत में सामरिक दृष्टि से अहम माना जाता था। रेलवे के रिकाॅर्ड के अनुसार 1875 में इज्जतनगर रेलवे स्टेशन की स्थापना की गई। 1952 में इज्जतनगर मंडल के गठन से बरेली को उत्तराखंड से भी कनेक्टिविटी मिली।
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बरेली में रेलवे के 153 साल के इतिहास में कई उतार-चढ़ाव आए। मीटरगेज रेल लाइन पर कोयला, पानी और भाप के इंजन से शुरू हुआ रेलवे का सफर अब वंदे भारत जैसी सेमी हाईस्पीड लग्जरी गाड़ी तक पहुंच गया है। बरेली से होकर अब रोजाना औसतन 200 गाड़ियां गुजरती हैं।
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बरेली जंक्शन से देश के कोने-कोने के लिए गाड़ियां उपलब्ध हैं। बरेली को ब्रिटिश हुकूमत में सामरिक दृष्टि से अहम माना जाता था। रेलवे के रिकाॅर्ड के अनुसार 1875 में इज्जतनगर रेलवे स्टेशन की स्थापना की गई। 1952 में इज्जतनगर मंडल के गठन से बरेली को उत्तराखंड से भी कनेक्टिविटी मिली।
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