{"_id":"660720ac2ee47323850d8e24","slug":"railways-broke-the-rule-of-british-era-had-to-start-junction-fans-ahead-of-time-bareilly-news-c-4-vns1013-371975-2024-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: रेलवे ने तोड़ा अंग्रेजों के जमाने का नियम, समय से पहले चलाने पड़े जंक्शन के पंखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: रेलवे ने तोड़ा अंग्रेजों के जमाने का नियम, समय से पहले चलाने पड़े जंक्शन के पंखे
विज्ञापन
बरेली। तापमान में बढ़ोतरी और मच्छरों के प्रकोप के बीच इस बार रेलवे ने अंग्रेजों के बनाए नियम को तोड़ दिया है। जंक्शन पर लगे पंखों को समय से पहले ही चलवा दिया गया है। एक सप्ताह से यात्री पंखे न चलने और प्लेटफाॅर्म पर शीतल जल उपलब्ध न होने की शिकायत कर रहे थे। इसके मद्देनजर मंडल मुख्यालय से अनुमति लेने के बाद जंक्शन पर लगे पंखे चलवा दिए गए हैं।
रेलवे के रिकाॅर्ड में 10 अप्रैल से 10 अक्तूबर तक गर्मियों का सीजन माना जाता है। यह नियम अंग्रेजों का बनाया हुआ है, जिसका आजतक पालन किया जा रहा था। पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है। जंक्शन पर इन दिनों होली के कारण ज्यादा यात्रियों का आवागमन भी हो रहा है। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को दोपहर की गर्मी में बिना पंखों के इंतजार करना पड़ रहा था। रात में मच्छरों का हमला हो रहा था।
इसको लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। ऐसे में इस बार जंक्शन पर 10 अप्रैल के स्थान पर 29 मार्च को ही पंखे चलवा दिए गए। वाटर वेडिंग मशीनों से पांच रुपये लीटर की दर से शीतल जल तो पहले ही मिल रहा था। अब रेलवे की ओर से लगाए गए वाटर कूलरों से भी शीतल जल मुहैया कराया जाने लगा है। इससे यात्रियों को कुछ राहत मिली है।
विज्ञापन
तापमान में इजाफा होने के साथ ही ट्रेनों के कोचों में पानी खत्म होने और एसी खराब होने संबंधी रोजाना औसतन आठ-नौ शिकायतें कंट्रोल रूम पहुंच रही हैं। इनमें एसी खराब हाेने या फिर एसी चलने के बावजूद कूलिंग न होने की शिकायतें ज्यादा हैं।
रेलवे में गर्मियों का सीजन और पंखे चलाने, शीतल जल मुहैया कराने का समय तय है। इस बार समय से पहले तापमान बढ़ने और लगातार आ रहीं शिकायतों के कारण उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने के बाद समय से पहले पंखे चलवा दिए गए हैं। शीतल जल भी मुहैया कराया जाने लगा है। - भानु प्रताप सिंह, स्टेशन अधीक्षक
विज्ञापन
रेलवे के रिकाॅर्ड में 10 अप्रैल से 10 अक्तूबर तक गर्मियों का सीजन माना जाता है। यह नियम अंग्रेजों का बनाया हुआ है, जिसका आजतक पालन किया जा रहा था। पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है। जंक्शन पर इन दिनों होली के कारण ज्यादा यात्रियों का आवागमन भी हो रहा है। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को दोपहर की गर्मी में बिना पंखों के इंतजार करना पड़ रहा था। रात में मच्छरों का हमला हो रहा था।
विज्ञापन
इसको लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। ऐसे में इस बार जंक्शन पर 10 अप्रैल के स्थान पर 29 मार्च को ही पंखे चलवा दिए गए। वाटर वेडिंग मशीनों से पांच रुपये लीटर की दर से शीतल जल तो पहले ही मिल रहा था। अब रेलवे की ओर से लगाए गए वाटर कूलरों से भी शीतल जल मुहैया कराया जाने लगा है। इससे यात्रियों को कुछ राहत मिली है।
विज्ञापन
तापमान में इजाफा होने के साथ ही ट्रेनों के कोचों में पानी खत्म होने और एसी खराब होने संबंधी रोजाना औसतन आठ-नौ शिकायतें कंट्रोल रूम पहुंच रही हैं। इनमें एसी खराब हाेने या फिर एसी चलने के बावजूद कूलिंग न होने की शिकायतें ज्यादा हैं।
रेलवे में गर्मियों का सीजन और पंखे चलाने, शीतल जल मुहैया कराने का समय तय है। इस बार समय से पहले तापमान बढ़ने और लगातार आ रहीं शिकायतों के कारण उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने के बाद समय से पहले पंखे चलवा दिए गए हैं। शीतल जल भी मुहैया कराया जाने लगा है। - भानु प्रताप सिंह, स्टेशन अधीक्षक