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Bareilly News: प्रो. उपेंद्र बालियान की नियुक्ति पर फिर उठे सवाल
Wed, 08 Apr 2026 03:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 08 Apr 2026 03:46 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कृषि विभाग डीन व पादप विज्ञान विभाग के प्रो. उपेंद्र बालियान की नियुक्ति के एक बार फिर चर्चा में है। मंगलवार को जनसुनवाई पोर्टल पर इस मामले में एक और शिकायत दर्ज हुई है।
शिकायतकर्ता उपेंद्र पटेल का आराेप है कि कुलपति प्रो. केपी सिंह ने पादप विज्ञान विभाग में अपने क्षेत्र के उपेंद्र कुमार बालियान को यूजीसी रेगूलेशन के नियम उल्लंघन कर सहायक आचार्य से सीधे आचार्य पद पर नियुक्ति किया है। आरोप है कि उपेंद्र कुमार बालियान ने एनईटी (नेट) वर्ष 2014 में एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी व एसइटीएसएलटी उत्तराखंड के लिए 2012 में उत्तीर्ण किया जो चार वर्ष के लिए ही बायोटेक्नोलॉजी विषय में मान्य होना चाहिए। ऐसे में उपेंद्र बालियान का 10 वर्ष का अनुभव सहायक आचार्य के समकक्ष वेतनमान में नहीं है, क्योंकि वह अनुबंध पद पर नियुक्त थे। इनके रिसर्च पेपर यूजीसी द्वारा जारी जर्नल में निर्धारित अर्हता 10 रिसर्च पेपर से कम प्रकाशित हैं व उनका एपीआई निर्धारित से कम है। स्पष्ट है कि उपेंद्र बालियान की नियुक्ति नियामनुसार नहीं है।
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शिकायतकर्ता उपेंद्र पटेल का आराेप है कि कुलपति प्रो. केपी सिंह ने पादप विज्ञान विभाग में अपने क्षेत्र के उपेंद्र कुमार बालियान को यूजीसी रेगूलेशन के नियम उल्लंघन कर सहायक आचार्य से सीधे आचार्य पद पर नियुक्ति किया है। आरोप है कि उपेंद्र कुमार बालियान ने एनईटी (नेट) वर्ष 2014 में एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी व एसइटीएसएलटी उत्तराखंड के लिए 2012 में उत्तीर्ण किया जो चार वर्ष के लिए ही बायोटेक्नोलॉजी विषय में मान्य होना चाहिए। ऐसे में उपेंद्र बालियान का 10 वर्ष का अनुभव सहायक आचार्य के समकक्ष वेतनमान में नहीं है, क्योंकि वह अनुबंध पद पर नियुक्त थे। इनके रिसर्च पेपर यूजीसी द्वारा जारी जर्नल में निर्धारित अर्हता 10 रिसर्च पेपर से कम प्रकाशित हैं व उनका एपीआई निर्धारित से कम है। स्पष्ट है कि उपेंद्र बालियान की नियुक्ति नियामनुसार नहीं है।
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