Bareilly News: नवाबगंज में झोलाछाप ने 15 हजार रुपये लेकर किया ऑपरेशन, जच्चा-बच्चा की मौत
नवाबगंज में फाजिलपुर गांव निवासी गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद आशा उन्हें झोलाछाप के क्लीनिक पर लेकर आई। यहां झोलाछाप ने गर्भवती का ऑपरेशन किया, जिससे जच्चा-बच्चा की मौत हो गई।
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बरेली के नवाबगंज क्षेत्र में झोलाछाप ने गर्भवती का ऑपरेशन कर दिया। इस दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने मौके पर हंगामा कर दिया। पुलिस ने समझाकर उनको शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने थाने पहुंचकर कार्रवाई के लिए तहरीर दी।
फाजिलपुर गांव के कुंवरसेन मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। उनकी पत्नी भूरी देवी गर्भवती थीं। सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उन्हें नवाबगंज सीएचसी ले गए, लेकिन वहां चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए।
15 हजार रुपये लेकर किया ऑपरेशन
अस्पताल में मौजूद ग्राम ईध जागीर गांव की आशा उन्हें बरखन रोड पर स्थित झोलाछाप के क्लीनिक में ले गई। वहां तैनात झोलाछाप ने 15 हजार रुपये लेकर गर्भवती का ऑपरेशन कर दिया।
नवजात बच्ची की मौत हो गई, जबकि अधिक रक्तस्राव होने से प्रसूता की हालत भी बिगड़ गई। इस पर झोलाछाप ने परिजनों से रक्त की मांग कर दी। मामला बिगड़ता देख प्रसूता को बरेली ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया।
जांच कराई जाएगी- सीएमओ
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि संबंधित प्रकरण संज्ञान में है। जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
सीएचसी नवाबगंज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार गंगवार ने कहा कि गर्भवती को सीएचसी में भर्ती किया गया था, पर उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। इसलिए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
कोतवाल नवाबगंज राजकुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल पंजीकृत नहीं है। वहां कोई भी सर्जन तैनात नहीं हैं। बरेली से चिकित्सकों को बुलाकर यहां गर्भवतियों व प्रसूताओं का इलाज कराया जाता है। अस्पताल में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।