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चुनावी चौपालः अधिकारी सुन्ति नाही, जानवरन से फसल कैसे बचाई जाइ

Fri, 21 Jan 2022 07:15 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 07:15 PM IST
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Public issues emerged in mutual discussion of villagers present in Baruari village of Jalalabad
जलालाबाद के गांव बरूआरी में चुनावी चर्चा करते ग्रामीण - फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद। ‘सरकार के कैइयो काम अच्छे रहे जिनसे गरीब गुनिये आराम मिली, लेकिन जा पशुअन की समस्या ने हम गांउ वालेन को रुबाई लओ। अबकी वोट उसई को मिलियें जो जा कहै कि जीते तो जा समस्या दूरि करैइयै।’ यह कहना है गांव भटादेवर के बुजुर्ग तोताराम का। बरेली हाईवे किनारे बसे गांव बरुआरी गांव में चुनावी चर्चा के दौरान तोताराम की इस बात का उन्हीं के गांव के ध्यानपाल ने भी समर्थन किया। बोले- ‘शिकायत करो तो कोई अधिकारी सुन्ति नाही, आखिर इन जानवरन से फसल कैसे बचाई जाइ। जा कोहरा और ठंड मैं राति राति भर लोग जगत है ताके बादौ थोरोउ चूक गए फसल चौपट।’
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ग्रामीणों की यह समस्या आम है। इसके बावजूद इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया गया और सरकार के निर्देश पर बनाई गई गोशालाएं केवल कागजों तक ही सीमित रही। गांव बहादुरापुर के मो. रईस कहते हैं कि इलेक्शन जाति बिरादरी में सिमटा हुआ है। इस समय क्षेत्रीय समस्याओं की बात न प्रत्याशी कर रहा है न पब्लिक के लोग। जिसे देखो अपनी बिरादरी की तरफ भाग रहा है। ऐसे समस्याओं का निराकरण कभी नहीं हो पाएगा। गांव माल्हूपुर के टिंकू बोले, रईस की बात सही है। गांव भटादेवर के कमलेश यादव का कहना था कि प्रत्याशी ऐसा चुनेंगे जो हर समय उपलब्ध रह सके। वह चुनाव जीते या हारे, क्षेत्र में ढूंढ़े नहीं मिलता। फिर आदमी अपनी समस्या लेकर कहां जाए।
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डोलापुर के सर्वेश बोले, उन जैसे कई लोगों को फेरी लगाने के लिए रोजाना मिर्जापुर व कलान क्षेत्र में जाना होता है। पहले पक्का पुल होने से पूरी रात आवागमन रहता था अब शाम होते ही रास्ता बंद हो जाता है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है, परंतु चुनाव लड़ने वाला किसी दल का प्रत्याशी पक्का पुल जल्दी बने, इसकी आवाज नहीं उठा रहा। गांव बघापुर के रामसरन ने कहा कि बिजली सप्लाई में सुधार हुआ है, परंतु बिल बढ़ जाने से काश्तकार परेशान हैं। सरकार किसानों को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराए।
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बरेली हाईवे के किनारे रह रहे टिंकू कहते है कि जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा, क्षेत्र की तरक्की नहीं होगी। सरकार किसान की बेहतरी के उपाय कर रही है, परंतु अधिकारी किसी बात पर ध्यान नहीं देते। गांव भटादेवर के नन्हें बोल उठे कि यहां से होकर निकलने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे से क्षेत्र का विकास होने की उम्मीद है। जिन लोगो की जमीनें गईं हैं, उन्हें भरपूर पैसा मिला है। सरकार को इस तरह की अन्य योजनाएं क्षेत्र में लानी चाहिए। इसी गांव के युवा नवीन चंद्र बोले कि विधायक ऐसा हो जो क्षेत्र के लिए उद्योग से जुड़ा कोई बड़ा प्रोजेक्ट सरकार से मंजूर करवा सके।

इससे युवाओं को यहीं रहकर रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। इस चर्चा में मौजूद बरुआरी के रोहन, माल्हूपुर के दिलखुश व राजेश आदि का कहना था कि विकास कार्यों में भेदभाव नहीं होना चाहिए। इस चुनाव में जाति बिरादरी को दरकिनार कर हम लोगों ने उसे वोट देने का इरादा बनाया है जो हमारे बीच का हो और हमारी समस्याओं और जरूरतों को समझे।
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