{"_id":"66f9cc3547a462490f070cb4","slug":"professor-will-study-the-land-project-gets-approval-from-government-bareilly-news-c-4-lko1018-491886-2024-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: भूमि का अध्ययन करेंगे प्रोफेसर, शासन से प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: भूमि का अध्ययन करेंगे प्रोफेसर, शासन से प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
Mon, 30 Sep 2024 03:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:22 AM IST
विज्ञापन
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिल बिष्ट के भूमि उपयोग से संबंधित अनुसंधान परियोजना को शासन स्तर से मंजूर मिल गई है। इसमें वह जिले की भूमि का अध्ययन करेंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण व शहरी योजना में भी सहायता मिल सकेगी।
डॉ. अनिल के प्रोजेक्ट को शिक्षा विभाग से रिसर्च एंड डेवलपमेंट अनुदान योजना के तहत स्वीकृति मिली हैं। उनकी शोध परियोजना का शीर्षक भूमि उपयोग और भूमि कवर परिवर्तन है, जिसका उद्देश्य बरेली में भूमि के विभिन्न उपयोग व भूमि कवर परिवर्तन का एक व्यापक अध्ययन करना है। यह जीआईएस व ग्राउंड ट्रुथ डाटा को एकत्रित और संसाधित करेगी। ऐसे मॉडल तैयार होगा, जिससे जटिल भूमि उपयोग व परिवर्तन को पहचाना जा सकेगा। इससे शहरी योजना, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण व संसाधन अनुकूलन में सहायता मिलेगी। नीति निर्धारक डाटा का इस्तेमाल योजना संचालन संबंधी निर्णय लेने में करेंगे। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. केपी सिंह, डीन इंजीनियरिंग प्रो. शोभना सिंह, मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने डॉ. अनिल को शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
डॉ. अनिल के प्रोजेक्ट को शिक्षा विभाग से रिसर्च एंड डेवलपमेंट अनुदान योजना के तहत स्वीकृति मिली हैं। उनकी शोध परियोजना का शीर्षक भूमि उपयोग और भूमि कवर परिवर्तन है, जिसका उद्देश्य बरेली में भूमि के विभिन्न उपयोग व भूमि कवर परिवर्तन का एक व्यापक अध्ययन करना है। यह जीआईएस व ग्राउंड ट्रुथ डाटा को एकत्रित और संसाधित करेगी। ऐसे मॉडल तैयार होगा, जिससे जटिल भूमि उपयोग व परिवर्तन को पहचाना जा सकेगा। इससे शहरी योजना, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण व संसाधन अनुकूलन में सहायता मिलेगी। नीति निर्धारक डाटा का इस्तेमाल योजना संचालन संबंधी निर्णय लेने में करेंगे। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. केपी सिंह, डीन इंजीनियरिंग प्रो. शोभना सिंह, मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने डॉ. अनिल को शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन