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सिविल कोड बनाने से पहले धर्मगुरु ओं की राय ले सरकार: अजित

Mon, 17 Oct 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Mon, 17 Oct 2016 12:34 AM IST
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Prior to the Civil Code, the government of religious opinion: Ajit
वार्ता - फोटो : बरेली, अमर उजाला
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने कहा कि समान नागरिक संहिता और तीन बार तलाक, तलाक, तलाक में संशोधन की बात यूपी के विधानसभा चुनाव के बाद की जाए। हालांकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। समाज और धर्म विशेष से जुड़े इन मामलों पर शरीअत और धर्म गुरुओं से वार्ता करके ही समाधान निकाला जाना चाहिए। अभी तक तो 1953 में बना हिंदू बिल भी पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। 
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सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए रालोद मुखिया ने कहा कि समाजवादी पार्टी समाजवादी नहीं बल्कि परिवारवादी है। लाल टोपी पहनकर लोहियावादी और समाजवादी नहीं हो सकते। अब तो इस पार्टी में उत्तराधिकार की लड़ाई अखिलेश और शिवपाल सिंह के बीच छिड़ गई है। प्रदेश में इस दल की सरकार तो बनेगी नहीं लेकिन यह संघर्ष अपने-अपने गुट के ज्यादा लोगों को टिकट दिलाने और उनको जिताने के लिए हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों का नहीं बल्कि उद्यमियों का फायदा कर रही है, इसीलिए चीनी मिल मालिकों की ब्याज माफ कर दी गई है और किसान को खाली हाथ कर दिया है। तीन साल से गन्ना और धान का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया है।
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केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अच्छे दिन सिर्फ मोदीजी के ही आए हैं। केवल भाषणों से अच्छे दिन नहीं आ सकते हैं। यदि भाषणों से अच्छे दिन आ जाएं तो उनसे बड़ा कोई नहीं। उन्होंने कहा कि चीनी उत्पाद के बहिष्कार की बात करने से कुछ नहीं होने वाला है। वास्तव में चीनी उत्पादन से मुक्ति चाहिए तोे चार लाख करोड़ का वहां से होने वाले सामान के आयात पर केंद्र सरकार को रोक लगानी चाहिए।
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