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डीएम गौरव दयाल ने आंवला और मीरगंज तहसील के प्रभावित दो दर्जन गांवों का बुधवार को प्रशासनिक टीम के साथ सर्वे किया। गांवों में फसल की क्षति को देखकर वह दंग रह गए और कहा कि लेखपालों ने ठीक से सर्वे नहीं किया है। उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि वह फिर से सर्वे करें ताकि किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके। डीएम ने हुर हुरी, गोरानाथ पुर, सिमरिया, सिरौली, गुरमाया, रामनगर, आंवला, भमोरा, देवचरा आदि गांवों में क्षतिग्रस्त फसल को देखा। खटेटा में आंवला की एसडीएम आर्यका अखौरी तहसील में किसानों की संख्या और बर्बाद फसल का हिसाब नहीं दे सकीं। उन्हें तुरंत सर्वे कराने को कहा। लेखपाल खेमकरन को भी फटकार लगाई।
तीन किसानों के घर वालों को मिलेंगे 30-30 हजार
बरेली। डीएम आंवला के खटेटा गांव में सदमे से मरे किसान और मीरगंज के रम्पुरा किसानान व हुरहुरी में खुदकुशी करने वाले दो किसानों के घर भी पहुंचे। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) मनोज कुमार ने बताया कि हुर हुरी तथा दो अन्य गांवों में मृत किसानों की मौत के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन ने इन परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की सिफारिश डीएम की ओर से शासन को की गई है। परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर पारिवारिक लाभ योजना से तीनों के परिवार को 30-30 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।
खुदकुशी करने वालों के परिवार से मिले
फोटो--25 एमआरजेडपी
मीरगंज के रम्पुरा किसानान गांव पहुंचे डीएम को खुदकुशी करने वाले किसान प्रेमपाल वर्मा की पत्नी ने सुनाया दुखड़ा
25एमआरजेडपी3
हुरहुरी में मृतक वेदराम गंगवार के बेटे अतुल को सांत्वना देने पहुंचे डीएम गौरव दयाल
अमर उजाला ब्यूरो
मीरगंज। रम्पुरा किसानान में आर्थिक तंगी के चलते आत्मदाह करने वाले 38 वर्षीय प्रेमपाल वर्मा के पिता रामलाल वर्मा, पत्नी चंपा और बच्चों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रेमपाल की पत्नी ने बताया कि उसका परिवार भूमिहीन और गरीब है। मजदूरपेशा मुखिया की खुदकुशी के बाद गुजर-बसर का कोई जरिया नहीं है। डीएम हुरहुरी में फांसी लगाने वाले वेदराम गंगवार के घर भी गए। उसकी मीना देवी, बेटे अतुल ने बताया कि परिवार वालों पर बैंक ऑफ बड़ौदा बल्लिया शाखा का 3.5 लाख, भूमि विकास बैंक मीरगंज शाखा का 71 हजार रुपये बकाया है। डीएम ने संजरपुर जाकर ओलावृष्टि से तबाह हुए वेदराम के गेहूं के खेत को भी देखा। इस मौके पर एसडीएम कुंवर पंकज, तहसीलदार कुंवर बहादुर सिंह, सीओ कालू सिंह, एसएचओ मीरगंज इंस्पेक्टर एमएम खान भी मौजूद रहे।
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लच्छू सिंह के परिवार के नाम जमीन कराने को कहा
रामनगर। डीएम ब्लाक मंझगवा के खटेटा गांव में हार्टअटैक से मरे किसान लच्छू सिंह के घर भी गए। उन्होंने आंवला एसडीए से कहा कि गांव में सीलिंग की जो जमीन है उसे किसान की पत्नी मुन्नी देवी के नाम कर दिया जाए। डीएम ने किसान की बर्बाद फसल को भी देखा। हालांकि मुन्नी देवी कर्ज के बारे में जानकारी नहीं दे सकी। किसान की मौत के बाद भी गांव न जाने पर आंवला तहसीलदार मनोज श्रीवास्तव फटकार भी लगाई। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
दूसरी खबर
आंवला में 45 किसानों को सिर्फ पात्र माना
आंवला। बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल का प्रशासन ने सर्वे तो कर लिया मगर सिर्फ 45 किसानों को ही मुआवजे के लिए पात्र माना गया। सर्वे रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। हालांकि तहसील प्रशासन की इस रिपोर्ट पर किसानों ने नाराजगी जताई है।
एसडीएम आर्यका अखौरी ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों ने मौके पर जाकर सर्वे किया है। सिर्फ 45 किसान ऐसे पाए गए हैं जिनका पचास प्रतिशत से अधिक नुकसान होना पाया गया है। उधर, भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष शिशुपाल सिंह ने कहा कि यदि सर्वे दोबारा नहीं हुआ तो यूनियन धरना प्रदर्शन करेगी। किसान इकरार और गेंदनलाल ने भी अपेक्षा का आरोप लगाया।
कोट
अफसर ऑफिस में बैठकर सर्वे कर रहे हैं। इससे किसानों को मुआवजा मिलने की उम्मीद धूमिल होती दिखाई दे रही है। हमने विधान सभा में सर्वे का मुद्दा उठाया था और दोबारा सर्वे की मांग की थी। वास्तविक पात्र न छूटें इसके लिए प्रशासन को फिर से सर्वे करना चाहिए।
-धर्मपाल सिंह, विधायक आंवला
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बहेड़ी में 100 की सूची भेज कर दी खानापूरी
बहेड़ी। स्थानीय प्रशासन अब तक सर्वे ढंग से नहीं कर पाया है। हालांकि एसडीएम रामेश्वर नाथ तिवारी ने बताया कि सौ किसानों की सूची जिला मुख्यालय को भेज दी है। इसमें करीब चार लाख रुपये की हानि होना दर्शाया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी सूची और बननी है। चार से पांच दिन लग सकते हैं।
मीरगंज में दोबारा सर्वे होगा
मीरगंज। एसडीएम कुंवर पंकज ने कहा है कि लेखपालों ने हवा हवाई सर्वे कर रिपोर्ट दी है इसलिए दोबारा सर्वे किया जाएगा। दो दिन में डीएम को रिपोर्ट दे दी जाएगी।
नवाबगंज में अब तक रिकॉर्ड फाइनल नहीं
तहसीलदार मलखान सिंह के अनुसार किसानों के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। अब तक सूची फाइनल नीं हो पाई है। जल्द ही इसे अंतिम रूप देकर जिला मुख्यालय को भेज दिया जाएगा।
फरीदपुर में दो दिन लगेंगे
तहसीलदार उदभव त्रिपाठी ने बताया कि सर्वे के लिए लेखपाल और कानूनगो को लगा दिया है। सर्वे का काम दो दिन में पूरा हो जाएगा। इससे नुकसान का अंदाजा लग जाएगा।
हाफिजगंज के किसानों ने सुनाया दुखड़ा
हाफिजगंज। कस्बे के किसान मिलाप सिंह, अमर सिंह, त्रिलोक सिंह, छेदालाल, टीकाराम, भटपुरा जागीर बढेपुरा, खोह, ढकिया, खाईखेड़ा आदि के राम भरोसे, वसरखा, गुड्डू, इरफान, विजय पाल, रमेश शर्मा, लालाराम, भजनलाल आदि मायूस हैं। उन्होंने कहा कि बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रशासन को उनकी फसल का भी सर्वे करना चाहिए।
फोटो---25एमआरजेडपी-मीरगंज में तहसील गेट पर धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा।
भाजपाइयों ने मीरगंज में धरना दिया
मीरगंज। किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपाइयों ने बुधवार को तहसील गेट पर धरना प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने किसानों की खुदकुशी के बावजूद प्रदेश सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने कहा कि केंद्र ने खजाना खोल दिया है इसके बावजूद अखिलेश सरकार पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं बंटवा पा रही है। सामाजिक न्याय मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बहोरनलाल मौर्य ने केसीसी पर ब्याज माफी की पैरवी की। डॉ. डीसी वर्मा ने संरक्षित पशुओं की तस्करी, अवैध कटान में पुलिस की शह होने का इल्जाम लगाया। धरना प्रदर्शन के बाद एसडीएम के मार्फत मुख्यमंत्री, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी भेजा गया। इस मौके पर जिला मंत्री सोमपाल शर्मा, भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुधीश पांडेय, संजय सिंह चौहान, प्रधान विशाल गंगवार, चेयरमैन योगेंद्र गुप्ता उर्फ मुन्ना बाबू, धर्मविजय गंगवार, संजीव उपाध्याय, चक्रवीर सिंह चौहान, केपी मौर्य, ममता गंगवार, राजकुमारी चौहान, संगीता गुप्ता डौली, ओमपाल गंगवार, आदित्य गुप्ता, हरीश राजपूत, हरद्वारीलाल वर्मा, फूलचंद जाटव, डा. रामेंद्र सिंह चौहान, संतोष शर्मा, कल्याणराय लोधी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता कामाख्या प्रसाद यदुवंशी और संचालन भगवान सिंह गंगवार ने किया।
फोटो- 25बीएचआर 1 पी- बहेड़ी में किसानों ने अपर आयुक्त को ज्ञापन दिया
अपर आयुक्त के न मिलने पर भड़के किसान, धरना दिया
बहेड़ी। अपर आयुक्त के न मिलने पर गुस्साए किसानों ने तहसीलदार कार्यालय पर धरना दिया और नारेबाजी की। मामला गर्माता देख अपर आयुक्त ने किसानों की बात सुनी और ज्ञापन लिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
बुधवार को अपर आयुक्त बहेड़ी तहसील का निरीक्षण करने पहुंचे। इसका पता लगने पर किसान मोर्चा के राकेश गंगवार के नेतृत्व में कुछ किसान अपनी विभिन्न मांगो को लेकर अपर आयुक्त से मिलने तहसील गए। मगर वहां उन्हें अपर आयुक्त के पास जाने से रोक दिया गया। इस पर किसान भड़क गए तहसीलदार कार्यालय के बाहर ही दरी बिछाकर धरने पर बैठ गये और हंगामा करने लगे। मामला गर्माता देख अपर आयुक्त ने तहसीलदार न्यायिक को भेजकर किसानों को शांत कराया और अपने पास बुलाकर समस्याएं सुनी। किसानों ने कहा कि केसर चीनी मिल पहले गन्ना मूल्य के बदले चीनी दे रही थी, लेकिन अब चीनी देना भी बंद कर दिया। इस पर चीनी मिल प्रबंधन को एसडीएम ने किसानों को चीनी देना जारी रखने का निर्देश दिया। मिल प्रबंधन पर दबाव बनाकर किसानों के गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान कराने का अग्रह किया। ज्ञापन देने वालों में ढाकन लाल गंगवार, चंद्रसेन यादव, सतेंद्र पाल गंगवार, बाबा लाल जी, भानुप्रकाश, सोमपाल आदि मौजूद रहे।