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एनईआर के विद्युतीकरण के काम में अड़ंगा डाल रहा पॉवर कॉरपोरेशन
Thu, 17 Nov 2022 01:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
डॉ. पवन चंद्र
डॉ. पवन चंद्र
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2022 01:25 AM IST
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रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा डेमू शेड की ओर जाने वाले रेल ट्रैक पर कराया जा रहा है विद्युतीकरण क?
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आरवीएनएल ने चार माह पहले दिया था 33 और 11 केवी लाइन शिफ्ट करने के संबंध में प्रार्थना पत्र
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डेमू शेड जाने वाले रेल ट्रैक के ऊपर से लाइनें शिफ्ट हो जाने के बाद ही शुरू हो सकेगा ईएमयू का संचालन
बरेली। दिल्ली, मुंबई की तर्ज पर पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल से डेमू के स्थान पर ईएमयू का संचालन शुरू करने जा रहा है। इसके लिए इज्जतनगर स्टेशन से डेमू शेड तक रेल ट्रैक का विद्युतीकरण किया जाना है। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक इस काम में ट्रैक के ऊपर से गुजर रही 33 और 11 केवी की चार लाइनें काम प्रभावित कर रहीं हैं। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, लाइन शिफ्टिंग के सुपरवीजन चार्जेस चार माह पहले पॉवर कॉरपोरेशन को जमा कराए जा चुके हैं।
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पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल से काशीपुर और पीलीभीत के लिए डीजल मल्टीपल यूनिट (डीएमयू या डेमू) का संचालन काफी समय से करता आ रहा है। इन ट्रेनों को ठहराव डेमू शेड में दिया जाता है। डेमू शेड सीबीगंज में है। पर्यावरण हित में रेलवे अब डेमू (डीजल) को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाना चाह रहा है। इसके लिए इज्जतनगर स्टेशन से डेमू शेड तक (करीब चार किलोमीटर) का विद्युतीकरण आवश्यक है। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अधिकारी इस कार्य में करीब पांच माह से लगे हुए हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि डेमू शेड को जाने वाले रेल ट्रैक के ऊपर से 33 और 11 केवी की चार लाइनें गुजर रही हैं। पॉवर कॉरपोरेशन के मानकों के अनुरूप वह सभी कार्य पूरा करा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक मात्र 33 केवी की एक लाइन ही शिफ्ट हो सकी है, तीन लाइनें हटना अभी बाकी हैं। पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारी अगर सहयोग कर दें तो जहां पर्यावरण को फायदा पहुंचेगा वहीं रोजाना सफर करने वाले यात्री भी अपने गंतव्य तक तेज गति से आ-जा सकेंगे।
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- कृष्ण मोहन विश्वकर्मा, मैनेजर (विद्युत), आरवीएनएलडेमू शेड के लिए जाने वाले रेल ट्रैक के ऊपर चार में से एक लाइन शिफ्ट हो चुकी है। शेष तीन लाइनों के लिए शटडाउन की आवश्यकता है। बाकी सारा काम हम करवा लेंगे।
- राजीव शर्मा, चीफ इंजीनियर, मध्यांचल विद्युत वितरण निगमआरवीएन के द्वारा 15 फीसदी सुपरवीजन चार्जेस के अंतर्गत जो काम किया गया है, उसका पर्यवेक्षण मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा करा लिया गया है। हमारी ओर से कोई कमी नहीं है।