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Bareilly News: आलू बेचने और मजदूरी करने वाले स्मैक तस्करी कर बने करोड़पति

Mon, 31 Mar 2025 02:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 31 Mar 2025 02:23 AM IST
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Potato sellers and labourers became millionaires by smuggling smack
बरेली। हाल ही में उत्तराखंड एसएसपी की दबिश के बाद से चर्चा में आया फतेहगंज पश्चिमी कस्बा और यहां के तस्कर अब फिर पुलिस के निशाने पर हैं। हर किसी को संदेह की नजरों से देखा जा रहा है और छापे के नाम पर वसूली का खेल भी चल रहा है।
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वैसे यहां रातोंरात अमीर बने स्मैक तस्करों की लंबी फेहरिस्त भी कम नहीं है। पुलिस से इनको संरक्षण भी मिलता रहा है। इनमें कई ने दिखावे के लिए दूसरे धंधे शुरू कर दिए हैं।
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धंधेबाजों में कोई आलूवाला तो कोई जेनरेटर वाला है। इनके उपनामों के पीछे की सच्चाई भी चौंकाने वाली है।
किसी जमाने में पुलिस का मुखबिर रहा एक तस्कर आलूवाला उपनाम से मशहूर है। यह शख्स दस साल पहले तक साप्ताहिक बाजार में फड़ लगाकर आलू बेचता था, आज वह करोड़ों की संपत्ति का मालिक है।
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हाल ही में उसे बरेली से दिल्ली पुलिस पकड़ ले गई है। आलूवाला शुरू में कई साल मुकदमों से इसलिए बचा रहा कि जो उसका और उसके पिता का नाम था, वही नाम एक चर्चित तस्कर के भाई का था जो स्मैक का लती था।
ऐसे में आलूवाला के नाम के मुकदमे शुरू में मामूली स्मैकिए के ऊपर लदते गए। बाद में उसके भाई ने पुलिस से सेटिंग करके अपने भाई को बचाकर आलूवाला के नाम को आगे बढ़ाया।
कभी जेनरेटर की रिपेयरिंग और किराये पर संचालन करने वाला एक शख्स भी नामी तस्कर और करोड़पति है। उसके नाम के आगे आज भी जेनरेटर उपनाम लगा है। लंगड़ा उपनाम वाला तस्कर जवानी में ईंट-भट्ठे पर काम करता था, वह स्मैक के काले धंधे से करोड़पति बना और अब बुजुर्ग हो गया है।
उसकी सरपरस्ती में उसके गुर्गे स्मैक के धंधे को आगे बढ़ा रहे हैं। एक तस्कर के नाम के आगे डॉन उपनाम लगा है। वह भी सामान्य परिवार से था पर अब सफेदपोश बन चुका है।
एक शख्स कपड़े की फेरी लगाता था और धार्मिक बातें करता था। वह इतना धार्मिक था कि उसके नाम के आगे रुहानी उपनाम जोड़ दिया गया। अब वह एक मार्केट का मालिक है।

पहले बाजार में फड़ लगाने वाला एक शख्स टंडन उपनाम से चर्चित है जो इलाके का नामी तस्कर है। हैरत की बात यह भी है कि स्थानीय पुलिस इन धंधेबाजों पर कभी हाथ नहीं डालती। इसके पीछे तर्क होता है कि स्थानीय स्तर पर यह अपराध नहीं कर रहे। ब्यूरो
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