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फेफड़ों को छलनी कर रहा धूल, धुआं और धूम्रपान

Tue, 03 May 2022 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2022 01:42 AM IST
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pollution affecting lungs
बरेली। धूल, धुआं और धूम्रपान की वजह से लोगों के फेफड़े छलनी हो रहे हैं। चिकित्सकों ने बरेली शहर के करीब दस फीसदी लोगों के फेफड़े कमजोर होने की बात कही है। बेहतर इलाज के अभाव में पहले अस्थमा और फिर अन्य घातक परिणाम सामने आने की आशंका जताई है। वातावरण से प्राणवायु लेकर उसे रक्त में मिलाना और घातक कार्बन डाईऑक्साइड को अवशोषित कर शरीर से बाहर छोड़ने का कार्य फेफड़े करते हैं।
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वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. पुनीत अग्रवाल के मुताबिक बढ़ते प्रदूषण, धूल, धुआं, पर्यावरण असंतुलन की वजह से वायुमंडल में विषैली गैसें कार्बन डाईऑक्साइड एवं कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा बढ़ रही है। ये गैसें सांस के जरिये रक्त में प्रवेश कर ऑक्सीहीमोग्लोबिन की मात्रा को घटा देती हैं। इससे सांस फूलने लगती है। धीरे-धीरे यही स्थिति अस्थमा के तौर पर उभरकर सामने आती है। पिछले सालों से कोरोना के लक्षणयुक्त संक्रमितों के फेफड़े प्रभावित हो चुके हैं। लिहाजा, उन्हें बेहद सतर्क रहने का सुझाव दिया है। कुछ पोस्ट कोविड मरीजों में अस्थमा के लक्षण उभरने की बात कही है।
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अस्थमा के संदिग्ध लक्षण होने पर उन्हें नजरअंदाज न करें। खुद इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श के बाद ही दवाओं का सेवन करें। ज्यादातर लोगों को एलर्जी की वजह से भी अस्थमा होने की आशंका रहती है। इसमें पुराने कपड़े, कोई विशेष प्रकार की महक भी शामिल हो सकती है। अस्थमा का समय पर इलाज न होने से हृदयाघात, फेफड़ों में मवाद भरना, टीबी, बलगम में खून आने लगता है।
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मच्छर भगाने की क्वाइल भी फेफड़ों के लिए घातक
चिकित्सक के अनुसार मच्छरों का प्रकोप बढ़ने पर लोग क्वाइल का प्रयोग करते हैं। ज्यादातर लोग क्वाइल जलाकर खिड़की, दरवाजा बंद कर सो जाते हैं। क्वाइल से निकलने वाला केमिकल युक्त धुआं सांस के जरिये फेफड़ों में पहुंचता है। इसका दुष्प्रभाव लंबे अंतराल के बाद फेफड़ों पर दिखाई देता है। शुरुआत में सांस लेने में कठिनाई, गले में खिंचाव, खराश होती है। इसके बाद अस्थमा के लक्षण सामने आने लगते हैं।

अस्थमा के लक्षण और बचाव के उपाय
डॉ. अग्रवाल के मुताबिक सांस फूलना, खांसी, बलगम, मौसम में हल्का बदलाव होते ही जुकाम, तेज कदमों से पैदल चलने पर सांस फूलना, थकावट, चेहरे और होंठों पर कालापन आदि इसके लक्षण हैं। अस्थमा से बचाव के लिए धूम्रपान से परहेज करें। घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग करें। यह कोरोना के साथ प्रदूषित हवा से भी बचाएगा। जाम में फंसने पर और धूल वाले स्थानों पर मुुंह, नाक को रुमाल से ढंक कर रखें। कपड़ों, बिस्तर और बच्चों के खिलौनों को नियमित अंतराल पर धूप में रखें। जंक और फास्ट फूड का सेवन न करें।
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