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पिछड़ा वर्ग के वोटों का समीकरण बदलेंगे स्वामी
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स्वामी प्रसाद मौर्य। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। प्रदेश के श्रम और सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़कर सपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गईं हैं। जिले में मौर्य-शाक्य-कुशवाह मतदाताओं की अच्छी संख्या है। भाजपा ने उन्हें पहले बदायूं फिर पीलीभीत का जिला प्रभारी मंत्री बनाया था। ताकि वह आसपास के जिलों पर पिछड़ा वर्ग को जोड़े रखें। लेकिन उनके भाजपा छोड़ने से अब चुनावी समीकरण प्रभावित होंगे। खास यह कि उनकी बेटी सांसद संघमित्रा अपने को भाजपा का सिपाही बता रहीं हैं। बदली राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी भूमिका को भी लेकर चर्चा गर्म है।
सबसे ज्यादा बिल्सी विधानसभा क्षेत्र में करीब 55 हजार मौर्य-शाक्य मतदाता हैं। इसके अलावा शेखूपुर और बदायूं सीटों पर भी मौर्य-शाक्य मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य जिस पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं, वह जिले में पिछड़ा वर्ग में गैर यादव मतदाताओं में सबसे बड़ा जाति समूह है। गैर यादव ओबीसी मौर्य-शाक्य मतदाता पूरे जिले में हैं। विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा ने केशव प्रसाद मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य के जरिये इस वर्ग के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में कामयाबी हासिल की थी। भाजपा के बाद जिले में अब सपा भी यही काम करेगी। सपा के पास महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव देव मौर्य के अलावा अब स्वामी प्रसाद मौर्य भी हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य जब 2007 से 2012 तक बसपा शासन में मंत्री थे, तब भी उनको गैर यादव ओबीसी के वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए मजबूत चेहरा माना जाता था। हालांकि जिले में उनकी बेटी सांसद हैं तो चुनावी समीकरणों को लेकर ऊहापोह बनी हुई है।
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भाजपा ने डिप्टी सीएम को घुमाकर बिरादरी साधने की कोशिश की
स्वामी प्रसाद को लेकर भले ही राजनीतिक माहौल गरम हो गया है, लेकिन जिले में भाजपा के पास भी मौर्य-शाक्य बिरादरी के नेताओं की कमी नहीं है। शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य के अलावा पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हरीश शाक्य के अलावा कई और मौर्य-शाक्य नेता भाजपा के पास हैं। पिछले चुनाव में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केशव प्रसाद मौर्य ने जिले में प्रचार किया था। इस बार जन विश्वास यात्रा के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जिले की तीन तहसील में घूम चुके हैं।
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फोटो-20
भाजपा का था और रहूंगा - धर्मेंद्र शाक्य
शेखूपुर विधायक ने जारी किया वीडियो
बदायूं। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़ सपा में शामिल होने के बाद कई पोर्टल और सोशल मीडिया पर सूचनाएं आने लगीं कि शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य भी स्वामी प्रसाद के साथ भाजपा छोड़ सपा में शामिल हो गए हैं। इन खबरों के बीच देर शाम शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता से मिले। उन्होंने एक वीडियो जारी किया है। कहा कि भाजपा छोड़ने वालों के साथ उनका नाम कैसे आया उनको नहीं पता। वह मंगलवार को क्षेत्र के भ्रमण पर थे। शेखूपुर विधायक ने कहा कि वह भाजपा के थे और भाजपा के ही रहेंगे। संवाद
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सबसे ज्यादा बिल्सी विधानसभा क्षेत्र में करीब 55 हजार मौर्य-शाक्य मतदाता हैं। इसके अलावा शेखूपुर और बदायूं सीटों पर भी मौर्य-शाक्य मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य जिस पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं, वह जिले में पिछड़ा वर्ग में गैर यादव मतदाताओं में सबसे बड़ा जाति समूह है। गैर यादव ओबीसी मौर्य-शाक्य मतदाता पूरे जिले में हैं। विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा ने केशव प्रसाद मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य के जरिये इस वर्ग के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में कामयाबी हासिल की थी। भाजपा के बाद जिले में अब सपा भी यही काम करेगी। सपा के पास महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव देव मौर्य के अलावा अब स्वामी प्रसाद मौर्य भी हैं।
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स्वामी प्रसाद मौर्य जब 2007 से 2012 तक बसपा शासन में मंत्री थे, तब भी उनको गैर यादव ओबीसी के वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए मजबूत चेहरा माना जाता था। हालांकि जिले में उनकी बेटी सांसद हैं तो चुनावी समीकरणों को लेकर ऊहापोह बनी हुई है।
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भाजपा ने डिप्टी सीएम को घुमाकर बिरादरी साधने की कोशिश की
स्वामी प्रसाद को लेकर भले ही राजनीतिक माहौल गरम हो गया है, लेकिन जिले में भाजपा के पास भी मौर्य-शाक्य बिरादरी के नेताओं की कमी नहीं है। शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य के अलावा पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हरीश शाक्य के अलावा कई और मौर्य-शाक्य नेता भाजपा के पास हैं। पिछले चुनाव में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केशव प्रसाद मौर्य ने जिले में प्रचार किया था। इस बार जन विश्वास यात्रा के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जिले की तीन तहसील में घूम चुके हैं।
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भाजपा का था और रहूंगा - धर्मेंद्र शाक्य
शेखूपुर विधायक ने जारी किया वीडियो
बदायूं। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़ सपा में शामिल होने के बाद कई पोर्टल और सोशल मीडिया पर सूचनाएं आने लगीं कि शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य भी स्वामी प्रसाद के साथ भाजपा छोड़ सपा में शामिल हो गए हैं। इन खबरों के बीच देर शाम शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता से मिले। उन्होंने एक वीडियो जारी किया है। कहा कि भाजपा छोड़ने वालों के साथ उनका नाम कैसे आया उनको नहीं पता। वह मंगलवार को क्षेत्र के भ्रमण पर थे। शेखूपुर विधायक ने कहा कि वह भाजपा के थे और भाजपा के ही रहेंगे। संवाद