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अब रिछा में बुर्कानशी महिलाओं ने निकाला जुलूस, सड़क रही जाम
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सीएए पर अचानक विरोध की पुलिस को नहीं लगी भनक, कार्रवाई संभव
रिछा (बरेली)। सरकार के लाख समझाने के बाद भी असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने में जुटे हैं। शहर के बाद अब कस्बों में सीएए और एनआरसी का विरोध शुरू हो गया है। रिछा में काफी संख्या में बुर्कानशी महिलाओं ने बिना अनुमति जुलूस निकालकर सीएए का विरोध जताया। उनके साथ कई पुरुष भी शामिल थे। करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया, जिससे जहानाबाद संपर्क मार्ग पर जाम लगा रहा। पुलिस को जुलूस की भनक तक नहीं लगी। स्थानीय लोगों और एलआईयू से जानकारी होने पर पुलिस ने बमुश्किल लोगों को मनाया। पुलिस के आला अफसर इस मामले में कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
रविवार को अपराह्न में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में बुर्का पहने महिलाएं जुलूस की शक्ल में विरोध-प्रदर्शन करते हुए निकल पड़ीं। उनके हाथों में सीएए और एनआरसी के विरोध में नारे लिखी तख्तियां थीं। वे नारे भी लगाती चल रहीं थीं। रिछा-जहानाबाद मार्ग से होते हुए दुजोडा तिराहे पर प्रदर्शनकारी रुक गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। इससे रिछा-जहानाबाद संपर्क मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। भीड़ के निकलने के करीब आधा घंटा बाद चौकी पुलिस को जुलूस का पता लगा। स्थानीय लोगों के साथ ही खुफिया अमले ने प्रदर्शन की जानकारी दी तो पुलिस के होश उड़ गए। इसके बाद रिछा चौकी इंचार्ज रमेश शर्मा कुछ पुलिसकर्मियों को लेकर उन्हें समझाने पहुंचे, लेकिन भीड़ ने नहीं सुनी। बाद में पहुंचे देवरनिया इंस्पेक्टर दयाशंकर ने समझाया तो लोग मान गए और अपने घरों को लौट गए। उधर, सूत्रों के अनुसार पुलिस देर रात प्रदर्शन करने वालों को चिह्नित उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देने की तैयारी में जुटी थी।
रिछा में कुछ महिलाएं सीएए के विरोध में सड़क पर आ गई थीं। इस जुलूस या विरोध प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने समझाया तो वह घर लौट गईं। इस मामले में कार्रवाई के बारे में विचार किया जा रहा है।
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- शैलेश पांडेय, एसएसपी
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रिछा (बरेली)। सरकार के लाख समझाने के बाद भी असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने में जुटे हैं। शहर के बाद अब कस्बों में सीएए और एनआरसी का विरोध शुरू हो गया है। रिछा में काफी संख्या में बुर्कानशी महिलाओं ने बिना अनुमति जुलूस निकालकर सीएए का विरोध जताया। उनके साथ कई पुरुष भी शामिल थे। करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया, जिससे जहानाबाद संपर्क मार्ग पर जाम लगा रहा। पुलिस को जुलूस की भनक तक नहीं लगी। स्थानीय लोगों और एलआईयू से जानकारी होने पर पुलिस ने बमुश्किल लोगों को मनाया। पुलिस के आला अफसर इस मामले में कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
रविवार को अपराह्न में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में बुर्का पहने महिलाएं जुलूस की शक्ल में विरोध-प्रदर्शन करते हुए निकल पड़ीं। उनके हाथों में सीएए और एनआरसी के विरोध में नारे लिखी तख्तियां थीं। वे नारे भी लगाती चल रहीं थीं। रिछा-जहानाबाद मार्ग से होते हुए दुजोडा तिराहे पर प्रदर्शनकारी रुक गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। इससे रिछा-जहानाबाद संपर्क मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। भीड़ के निकलने के करीब आधा घंटा बाद चौकी पुलिस को जुलूस का पता लगा। स्थानीय लोगों के साथ ही खुफिया अमले ने प्रदर्शन की जानकारी दी तो पुलिस के होश उड़ गए। इसके बाद रिछा चौकी इंचार्ज रमेश शर्मा कुछ पुलिसकर्मियों को लेकर उन्हें समझाने पहुंचे, लेकिन भीड़ ने नहीं सुनी। बाद में पहुंचे देवरनिया इंस्पेक्टर दयाशंकर ने समझाया तो लोग मान गए और अपने घरों को लौट गए। उधर, सूत्रों के अनुसार पुलिस देर रात प्रदर्शन करने वालों को चिह्नित उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देने की तैयारी में जुटी थी।
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रिछा में कुछ महिलाएं सीएए के विरोध में सड़क पर आ गई थीं। इस जुलूस या विरोध प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने समझाया तो वह घर लौट गईं। इस मामले में कार्रवाई के बारे में विचार किया जा रहा है।
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- शैलेश पांडेय, एसएसपी