फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   political

जत्थों से लेकर सभा तक फहरा तिरंगा, भाईचारे के लगे नारे

Sat, 21 Dec 2019 01:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 01:32 AM IST
विज्ञापन
political
शांति बनाए रखने के लिए आयोजकों के साथ अफसरों ने भी बरती सावधानी, एक-दूसरे की तारीफ की
विज्ञापन

मंच पर डॉ. आंबेडकर की तस्वीर भी दिखी, कानून को देश के सेक्युलर ढांचे के खिलाफ बताया
बरेली। जुमे की नमाज के बाद इस्लामिया ग्राउंड में ज्ञापन देने का कार्यक्रम था। शहर भर से लोग इस्लामिया मैदान में इकट्ठे हुए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों से लेकर अफसरों तक ने अपनी भूमिका ठीक से निभाई। हर कदम फूंककर रखा ताकि टकराव की कोई गुंजाइश न रहे। सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे की तारीफ भी की गई।
देश के माहौल और पुलिस प्रशासन की सख्ती भांपकर आईएमसी के कार्यक्रम को सांप्रदायिक सौहार्द और देशभक्ति का रंग देने की कोशिश की गई। अपने-अपने इलाकों की मस्जिदों में जुमा की नमाज पढ़ने के बाद लोग जत्थों में इस्लामिया ग्राउंड की ओर निकले। पुलिस ने रास्ते में रोका तो बताया गया कि नौ महला मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे हैं, जबकि उन्हें इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड में एकत्र होना था। बरेली के इतिहास में पहली बार देखने को मिला कि इस तरह के कार्यक्रम में लोग धार्मिक या राजनीतिक झंडों के बजाय तिरंगा लेकर निकले। जत्थों में शामिल लोगों की जुबां पर हिंदुस्तान जिंदाबाद और मजहबी एकता संबंधी नारे थे। इसे हर जाति वर्ग के लोगों ने सराहा।
विज्ञापन

जनसभा में भी आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर से लेकर दूसरे वक्ताओं का जोर इस बात पर था कि नागरिकता कानून केवल मुस्लिमों के विरोध में नहीं बल्कि देश के संविधान और सेक्युलर ढांचे के खिलाफ है। बार-बार कहा गया कि मंच पर कई हिंदू भाई और भीम सेना के लोग भी मौजूद हैं। कुछ लोग बाबा साहब की तस्वीर भी लोग हाथ में उठाए थे। भीम सेना की टुकड़ी आई तो उनके हाथों में डॉ. आंबेडकर के साथ सरदार भगत सिंह, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम की तस्वीरें भी थीं। वक्ताओं का कहना था कि सीएए के मुद्दे पर बरेली का पुलिस प्रशासन भी हमारे साथ खड़ा है। डीएम के आने पर मौलाना तौकीर ने मंच से ही उनकी तारीफ की। ज्ञापन देने के बाद माइक भी डीएम को पकड़ा दिया। डीएम ने कहा कि बरेली हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल रहा है। इसे ऐसे ही बनाए रखना है और पूरे देश को यह संदेश देना है कि सांप्रदायिक सद्भाव की हिफाजत कैसे होती है, यह बरेली वासियों से सीखें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed