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मेरी बेटी की जान लेने वाले डॉक्टरों को बचाना चाहते हैं अफसर

Thu, 19 Dec 2019 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 19 Dec 2019 01:18 AM IST
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बरेली। शहर के एक नामचीन अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से इंजीनियर बेटी को खो देने के बाद कई महीनों से इंसाफ के लिए भटक रहे पति-पत्नी बुधवार को सर्किट हाउस में राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि जायसवाल से मिले। सीएमओ समेत कई अफसरों के सामने पिता राकेश सारस्वत ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के अफसर निष्पक्ष जांच करने के बजाय आरोपी डॉक्टरों से स्वार्थ पूरा करने के बाद मामला रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं। रश्मि जायसवाल ने सीएमओ से इस बारे में पूछताछ के बाद निर्देश दिया कि इस प्रकरण में जल्द से जल्द जांच निष्पक्ष ढंग से पूरी कराकर कार्रवाई की जाए।
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राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि जायसवाल के सामने पेश हुए प्रेमनगर की द्वारिकापुरी कॉलोनी में रहने वाले राकेश सारस्वत और उनकी पत्नी नीता ने बताया कि उनकी 23 वर्षीय बेटी आयुषी नोएडा में इंजीनियर थी। 15 अगस्त को तबीयत खराब होने के बाद आयुषी को शहर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया था जहां डॉक्टरों ने ठीक इलाज नहीं किया। उनकी बेटी को टायफाइड था लेकिन डॉक्टर सामान्य बुखार का इलाज करते रहे जिसकी वजह से भर्ती होने के तीन दिन बाद आयुषी की मौत हो गई थी। राकेश ने बताया कि कमिश्नर और डीएम से शिकायत करने के बाद थाना प्रेमनगर में तीन डॉक्टरों समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया गया और सरकारी डॉक्टरों के पैनल ने जांच शुरू की लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं की गई है। दोषी डॉक्टरों पर इस कारण कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। उन्होंने सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के सामने यह आरोप लगाया कि इस प्रकरण को दबाने की कोशिश की जा रही है।
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मीरगंज की बहरमनगर की सोनी नाम की महिला ने बताया कि उनके पति को टीबी है। बच्चों को भी गंभीर बीमारी लगी है। जिला अस्पताल में डॉक्टर इलाज करना तो दूर किसी को देखते तक नहीं है। इलाज में घर की सारी जमा पूंजी लगा चुकी हैं। रश्मि जायसवाल ने सीएमओ को महिला को तत्काल मदद देने और टीबी से ग्रसित पति का इलाज कराने के निर्देश दिए। महिला उत्पीड़न से संबंधित 11 मामले भी आए जिनमें सात का मौके पर निस्तारण हो गया। इस मौके पर प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार, सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार, एसपी क्राइम सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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इंस्पेक्टर प्रेमनगर हुए तलब
एक महिला ने प्रेमनगर थानाध्यक्ष पर आरोप लगाया कि कई बार थाने पहुंचने के बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। जबकि उसके परिवार के लोगों से उसे खतरा है। रश्मि जायसवाल ने इस पर थानाध्यक्ष को सर्किट हाउस में तलब कर लिया।
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