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बड़ा बाईपास: किसानों को मुआवजे के लिए सात को फिर होगी बात
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बरेली। बड़ा बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण मामले में करीब छह सौ किसानों के सौ करोड़ के मुआवजे को लेकर एक बार फिर एनएचएआई के अधिकारी तलब किए गए हैं। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) ने एनएचएआई मुरादाबाद के पीडी को इस मामले में प्रशासन और किसानों के साथ बातचीत के लिए सात दिसंबर को सर्किट हाउस बुलाया है। इसमें केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार मौजूद रह कर किसानों और एनएचएआई के अधिकारियों के बीच वार्ता में मध्यस्थता करेंगे।
बड़ा बाईपास के लिए एनएचएआई को जमीन देने वाले करीब छह सौ किसान वर्ष 2013-14 से मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिस सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है, उस पर किसान राजी नहीं है। इस मामले को लेकर पहले भी एनएचएआई के अधिकारी, पीड़ित किसान और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता हो चुकी है लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। एनएचएआई के अधिकारियों का तर्क है कि वे मंत्रालय या कोर्ट के फैसले के बगैर सर्किल रेट से ज्यादा मुआवजे का भुगतान नहीं कर सकते। किसानों की लड़ाई लड़ रहे किसान नेता हरिनंदन सिंह के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इस मामले में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन अब कोई जवाब नहीं मिला है। किसानों के आग्रह पर प्रशासन ने एक बार फिर इस प्रकरण को लेकर एनएचएआई मुरादाबाद के अधिकारियों को बुलाया है। सात दिसंबर को केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में इस मसले पर वार्ता होगी।
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बड़ा बाईपास के लिए एनएचएआई को जमीन देने वाले करीब छह सौ किसान वर्ष 2013-14 से मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिस सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है, उस पर किसान राजी नहीं है। इस मामले को लेकर पहले भी एनएचएआई के अधिकारी, पीड़ित किसान और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता हो चुकी है लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। एनएचएआई के अधिकारियों का तर्क है कि वे मंत्रालय या कोर्ट के फैसले के बगैर सर्किल रेट से ज्यादा मुआवजे का भुगतान नहीं कर सकते। किसानों की लड़ाई लड़ रहे किसान नेता हरिनंदन सिंह के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इस मामले में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन अब कोई जवाब नहीं मिला है। किसानों के आग्रह पर प्रशासन ने एक बार फिर इस प्रकरण को लेकर एनएचएआई मुरादाबाद के अधिकारियों को बुलाया है। सात दिसंबर को केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में इस मसले पर वार्ता होगी।
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