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कैट बोर्ड की वोटर लिस्ट पर फिर आपत्ति, रक्षामंत्री को पत्र लिखा
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बरेली। कैंट बोर्ड के अगले चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण की सूचना मांगे जाने के बाद सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभासदों ने अब वोटर लिस्ट में छूटे नाम जुड़वाने के लिए सीईओ के साथ रक्षामंत्री और कैंट के प्रधान निदेशक को पत्र लिखा है।
करीब चार महीने पहले पुरानी वोटर लिस्ट को निरस्त कर नई लिस्ट बननी शुरू हुई थी। नए वोट बनाने के लिए आवेदकों से आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र भी मांगे गए थे। इसी दौरान कुछ सभासदों ने आरोप लगाया था कि बीएलओ की ड्यूटी कर रहे शिक्षक डोर-टू-डोर आवेदन पत्र बांटने में गड़बड़ी कर रहे हैं। सभासदों की आपत्ति पर अफसरों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। इसी दौरान सभासद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भी मिले थे जिसके बाद प्रधान निदेशक को यहां मामला सुलझाने भेजा गया था। इसके बाद कमेटी बनाकर आवेदनों की जांच हुई तो करीब एक हजार वोटर बढ़ गए। हालांकि सभासद फिर भी शिकायत करते रहे कि आपत्ति और दावों पर पूरी तरह सुनवाई नहीं की गई है। चार महीने बाद एक बार फिर सभासद वेदप्रकाश तनेजा ने रक्षामंत्री को पत्र भेजकर छूटे वोटरों के नाम लिस्ट में जुड़वाने का अनुरोध किया है।
सभासद के आरोप निराधार हैं। पुरानी वोटर लिस्ट निरस्त करने के बाद कैंट एक्ट के तहत नई लिस्ट बनाई गई है। चुनाव से पहले एक बार फिर वोटरों के नाम जोड़ने के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। - एसपी सिंह, जेई कैंट बोर्ड
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करीब चार महीने पहले पुरानी वोटर लिस्ट को निरस्त कर नई लिस्ट बननी शुरू हुई थी। नए वोट बनाने के लिए आवेदकों से आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र भी मांगे गए थे। इसी दौरान कुछ सभासदों ने आरोप लगाया था कि बीएलओ की ड्यूटी कर रहे शिक्षक डोर-टू-डोर आवेदन पत्र बांटने में गड़बड़ी कर रहे हैं। सभासदों की आपत्ति पर अफसरों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। इसी दौरान सभासद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भी मिले थे जिसके बाद प्रधान निदेशक को यहां मामला सुलझाने भेजा गया था। इसके बाद कमेटी बनाकर आवेदनों की जांच हुई तो करीब एक हजार वोटर बढ़ गए। हालांकि सभासद फिर भी शिकायत करते रहे कि आपत्ति और दावों पर पूरी तरह सुनवाई नहीं की गई है। चार महीने बाद एक बार फिर सभासद वेदप्रकाश तनेजा ने रक्षामंत्री को पत्र भेजकर छूटे वोटरों के नाम लिस्ट में जुड़वाने का अनुरोध किया है।
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सभासद के आरोप निराधार हैं। पुरानी वोटर लिस्ट निरस्त करने के बाद कैंट एक्ट के तहत नई लिस्ट बनाई गई है। चुनाव से पहले एक बार फिर वोटरों के नाम जोड़ने के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। - एसपी सिंह, जेई कैंट बोर्ड
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