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बरेली से शुरू किया लंबा संघर्ष, अब रंग लाएगा!
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बरेली। योगी मंत्रिमंडल में एमएलसी अशोक कटारिया को शामिल किए जाने की चर्चा पर बरेली में तमाम लोगों की नजरें टिक गए हैं। दरअसल कटारिया ने बरेली से ही छात्र राजनीति की शुरुआत की थी। बरेली में छात्रहितों पर लंबे संघर्ष के बाद ही वह राजनीति की मुख्यधारा में आए।
बिजनौर के निवासी अशोक कटारिया 1996 में विद्यार्थी परिषद के विभाग संगठन मंत्री बनकर बरेली आए थे, 2001 तक प्रदेश के सहमंत्री भी रहे। बरेली कॉलेज से 2001 में राजनीति शास्त्र से एमए किया और उसी दौरान रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मिड सेशन में इम्प्रूवमेंट परीक्षा कराने के लिए काफी संघर्ष किया था। विश्वविद्यालय में सिंगल विंडो की व्यवस्था उनकी ही देन मानी जाती है। इसके अलावा फीस वृद्धि और बरेली कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल को लेकर भी तमाम आंदोलन किए। विद्यार्थी परिषद के बाद युवा मोर्चा में वर्ष 2002 में प्रदेश मंत्री बने और तीन साल बाद प्रदेश महामंत्री और फिर युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद पार्टी के मुख्य संगठन में प्रदेश महामंत्री पद पर रहते हुए वर्ष 2018 में उन्हें एमएलसी बनाया गया। अब उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चा चल रही है। इसको लेकर उनसे जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है।
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बिजनौर के निवासी अशोक कटारिया 1996 में विद्यार्थी परिषद के विभाग संगठन मंत्री बनकर बरेली आए थे, 2001 तक प्रदेश के सहमंत्री भी रहे। बरेली कॉलेज से 2001 में राजनीति शास्त्र से एमए किया और उसी दौरान रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मिड सेशन में इम्प्रूवमेंट परीक्षा कराने के लिए काफी संघर्ष किया था। विश्वविद्यालय में सिंगल विंडो की व्यवस्था उनकी ही देन मानी जाती है। इसके अलावा फीस वृद्धि और बरेली कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल को लेकर भी तमाम आंदोलन किए। विद्यार्थी परिषद के बाद युवा मोर्चा में वर्ष 2002 में प्रदेश मंत्री बने और तीन साल बाद प्रदेश महामंत्री और फिर युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद पार्टी के मुख्य संगठन में प्रदेश महामंत्री पद पर रहते हुए वर्ष 2018 में उन्हें एमएलसी बनाया गया। अब उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चा चल रही है। इसको लेकर उनसे जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है।
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