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हमें तो अब पता लगा धोखेबाज अभि ठाकुर ही नहीं है..
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हमें तो अब पता लगा धोखेबाज अभि ठाकुर ही नहीं है..
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। साक्षी-अजितेश प्रकरण मीडिया की सुर्खियां बना तो इसके चर्चे भोपाल में उस परिवार तक भी पहुंच गए जहां कुछ समय पहले अजितेश ने सगाई करने के बाद तोड़ दी थी। भोपाल का यह परिवार अजितेश की धोखेबाजी से काफी आहत है, खासतौर पर अभि की जाति के खुलासे ने उन्हें खासा चौंकाया है। भोपाल के इस ठाकुर परिवार ने अजितेश को ठाकुर समझकर ही रिश्ता तय किया था। मगर यह पता लगने के बाद उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई कि अजितेश अनुसूचित जनजाति का है।
भोपाल निवासी कृषि विभाग के रिटायर्ड बाबू हेमंत नायक की पांच बेटियां हैं। बेटी वर्षा ने बताया कि अजितेश की बहन की शादी भोपाल में ही एक ठाकुर परिवार में हुई है। 2016 में बहन के यहां एक आयोजन में अजितेश पहुंचा था और वहीं उनकी छोटी बहन को उसने पसंद किया। वे लोग सरनेम नायक लिखते हैं और वही अजितेश भी लिखता है इसलिए उन लोगों ने भी उसे ठाकुर ही समझा। बड़ी बहनों की शादी न होने के बावजूद वे लोग रिश्ते को तैयार हो गए। उनका परिवार बरेली में अजितेश के घर पहुंचा और उसके भाई का टाइल्स का शोरूम भी देखा। अजितेश ने भाई के साथ ही काम करने की बात कही थी। इसके बाद रिश्ता तय हो गया।
अजितेश के परिवार वालों की मर्जी के मुताबिक भोपाल के एक अच्छे होटल में 10 जुलाई 2016 को सगाई हुई, जिसमें करीब सात लाख रुपये खर्च हुए। नौ दिसंबर 2016 शादी की तारीख तय हुई थी लेकिन उससे पहले ही अजितेश की मां की मौत हो गई तो उनका परिवार बरेली आया। यहां तक कि उनकी जिस बहन से शादी हो रही थी, उसने अजितेश की मां की मौत पर बहू के तौर पर सारी रस्में भी अदा कीं। मगर इसके बाद उन लोगों को जब यह एहसास हुआ कि उनका परिवार उनकी इच्छा के मुताबिक शादी में खर्च नहीं कर पाएंगे तो उन्होंने दूरियां बनानी शुरू कर दीं। हालांकि शादी करने से आज तक इनकार नहीं किया है।
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लड़की के पिता बोले- अब तक अदा कर रहे कर्ज
लड़की के पिता हेमंत ने बताया कि उन्होंने कर्ज करके हैसियत से ज्यादा सात लाख रुपये सगाई में खर्च किए। आज तक उसकी भरपाई कर रहे हैं। उन्हें तो यह सुनकर बड़ा झटका लगा है कि वे लोग ठाकुर नहीं हैं। अगर पहले पता लगता तो रिश्ता ही तय नहीं करते। बोले- हमें तो आज तक धोखे में रखा गया। शादी के लिए मना भी नहीं किया और दूरियां भी बढ़ाते रहे। वे लोग बरेली में शादी करना चाहते थे और कहते थे कि मेनका गांधी और बड़े नेता शादी में आएंगे तो उनका सम्मान भी करना पड़ेगा। मगर हमारी स्थिति देखकर वे लोग टालमटोल करते रहे। मगर उन्हें उम्मीद थी कि किसी दिन अजितेश या उसके पिता का शादी के लिए फोन आएगा। इसलिए अजितेश को वह जन्मदिन और उनके पिता को वह समय-समय पर शुभकामनाएं देते रहे थे। मगर जब इस घटना की सूचना मिली तो उन्हें बड़ा झटका लगा।
बेटियों को खूब पढ़ाया है हेमंत ने
हेमंत ने बताया कि बेशक वह कृषि विभाग में बाबू थे लेकिन उन्होंने अपनी पांचों बेटियों को अच्छी शिक्षा दी है। बड़ी बेटी ने एलएलएम किया है, एक बेटी ने इलेक्ट्रिकल से एमटेक, एक बीटेक, एक बेटी मीडिया में अच्छी पोस्ट पर कार्यरत रही है। सबकी उन्होंने अच्छी परवरिश की लेकिन इस प्रकरण ने उन्हें बड़ा झटका दिया है।
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भोपाल निवासी कृषि विभाग के रिटायर्ड बाबू हेमंत नायक की पांच बेटियां हैं। बेटी वर्षा ने बताया कि अजितेश की बहन की शादी भोपाल में ही एक ठाकुर परिवार में हुई है। 2016 में बहन के यहां एक आयोजन में अजितेश पहुंचा था और वहीं उनकी छोटी बहन को उसने पसंद किया। वे लोग सरनेम नायक लिखते हैं और वही अजितेश भी लिखता है इसलिए उन लोगों ने भी उसे ठाकुर ही समझा। बड़ी बहनों की शादी न होने के बावजूद वे लोग रिश्ते को तैयार हो गए। उनका परिवार बरेली में अजितेश के घर पहुंचा और उसके भाई का टाइल्स का शोरूम भी देखा। अजितेश ने भाई के साथ ही काम करने की बात कही थी। इसके बाद रिश्ता तय हो गया।
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अजितेश के परिवार वालों की मर्जी के मुताबिक भोपाल के एक अच्छे होटल में 10 जुलाई 2016 को सगाई हुई, जिसमें करीब सात लाख रुपये खर्च हुए। नौ दिसंबर 2016 शादी की तारीख तय हुई थी लेकिन उससे पहले ही अजितेश की मां की मौत हो गई तो उनका परिवार बरेली आया। यहां तक कि उनकी जिस बहन से शादी हो रही थी, उसने अजितेश की मां की मौत पर बहू के तौर पर सारी रस्में भी अदा कीं। मगर इसके बाद उन लोगों को जब यह एहसास हुआ कि उनका परिवार उनकी इच्छा के मुताबिक शादी में खर्च नहीं कर पाएंगे तो उन्होंने दूरियां बनानी शुरू कर दीं। हालांकि शादी करने से आज तक इनकार नहीं किया है।
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लड़की के पिता बोले- अब तक अदा कर रहे कर्ज
लड़की के पिता हेमंत ने बताया कि उन्होंने कर्ज करके हैसियत से ज्यादा सात लाख रुपये सगाई में खर्च किए। आज तक उसकी भरपाई कर रहे हैं। उन्हें तो यह सुनकर बड़ा झटका लगा है कि वे लोग ठाकुर नहीं हैं। अगर पहले पता लगता तो रिश्ता ही तय नहीं करते। बोले- हमें तो आज तक धोखे में रखा गया। शादी के लिए मना भी नहीं किया और दूरियां भी बढ़ाते रहे। वे लोग बरेली में शादी करना चाहते थे और कहते थे कि मेनका गांधी और बड़े नेता शादी में आएंगे तो उनका सम्मान भी करना पड़ेगा। मगर हमारी स्थिति देखकर वे लोग टालमटोल करते रहे। मगर उन्हें उम्मीद थी कि किसी दिन अजितेश या उसके पिता का शादी के लिए फोन आएगा। इसलिए अजितेश को वह जन्मदिन और उनके पिता को वह समय-समय पर शुभकामनाएं देते रहे थे। मगर जब इस घटना की सूचना मिली तो उन्हें बड़ा झटका लगा।
बेटियों को खूब पढ़ाया है हेमंत ने
हेमंत ने बताया कि बेशक वह कृषि विभाग में बाबू थे लेकिन उन्होंने अपनी पांचों बेटियों को अच्छी शिक्षा दी है। बड़ी बेटी ने एलएलएम किया है, एक बेटी ने इलेक्ट्रिकल से एमटेक, एक बीटेक, एक बेटी मीडिया में अच्छी पोस्ट पर कार्यरत रही है। सबकी उन्होंने अच्छी परवरिश की लेकिन इस प्रकरण ने उन्हें बड़ा झटका दिया है।