फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   political,akhelash yadav

सेना से एनओसी नहीं दिला सके संतोष तो काहे के मंत्री

Mon, 16 Sep 2019 01:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2019 01:26 AM IST
विज्ञापन
political,akhelash yadav
बरेली। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के उस बयान पर कड़ा जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अखिलेश अपनी मुसीबत टालने को आजम खां के नाम पर शोर मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आठ बार सांसद रह चुके संतोष गंगवार को ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं। वह खुद ही बताएं कि जब सेना से लाल फाटक ओवरब्रिज के लिए एनओसी नहीं दिला सके तो वह किस काम के मंत्री हैं।
विज्ञापन

सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत कर रहे अखिलेश यादव यहीं नहीं थमे। उन्होंने कहा कि इस सरकार में पीलीभीत रोड फोरलेन नहीं हो पाया। उन्होंने तो नेशनल हाईवे पर बाईपास के साथ बदायूं और हल्द्वानी रोड को फोरलेन कराया। एक्सप्रेस वे पर हवाई जहाज उतारे। संतोष तो आठ बार के सांसद और केंद्रीय मंत्री हैं। अपनी ही सरकार में पुल के लिए एनओसी नहीं दिला पा रहे, डिफेंस कॉरीडोर कैसे बनाएंगे। बोले- हम तो कहेंगे कि ऐसे नाकारा लोगों को जिताने की ही क्या जरूरत है। विकास के बावजूद जनता ने वोट क्यों नहीं दिया, इस सवाल पर बोले कि हम झूठ कम बोल पा रहे हैं। भाजपा के प्रचार-प्रसार के तरीकों में नौटंकी है। लेकिन हर नौटंकी का अंत होता है, इसका भी होगा।
विज्ञापन

सपा मुखिया ने सरकार पर यह कहकर भी तंज कसा कि लैपटॉप और डाटा देने का वादा किया था, लेकिन खुद लैपटॉप नहीं चलाना जानते इसलिए किसी को दिया भी नहीं। बोले- अभी तो बिजली के बिल का झटका भी लगना बाकी है। इसीलिए सपा ने महंगाई के खिलाफ एक अक्तूबर को तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया है। एक सवाल पर कहा कि 2022 में अकेले चुनाव लड़ेंगे लेकिन छोटे दलों को साथ ले सकते हैं। बरेली की उठापटक पर कहा कि यहां नौ सीटें हैं, बहुत दावेदार होते हैं, सबको एडजस्ट करना पड़ता है। इस दौरान नेता विपक्ष रामगोविंद चौधरी, प्रो. वसीम बरेलवी, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, महिपाल सिंह यादव, अताउरर्हमान, शहजिल इस्लाम, शुभलेश यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा ने हमें परेशान करके सिखाया सरकार चलाना
अखिलेश यादव ने मीडिया से कहा कि बदायूं कांड हुआ तो यूएन की मीडिया और सीबीआई सब आ गए थे। बगल के जिले की घटना (चिन्मयानंद प्रकरण) पर भी उन्हें बुलवाओ ताकि बहन-बेटियों को न्याय मिले। इस मुद्दे पर महिला सांसदों के न बोलने पर भी उन्होंने सवाल उठाया। अखिलेश ने कहा कि न्यूटन के नियम को आइंस्टीन का नियम बताकर बुद्धिजीवी वर्ग को धोखा दे रहे हैं लेकिन हमें तो न्यूटन का तीसरा नियम पता है। क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। हमें परेशान करके सरकार चलाना सिखाया जा रहा है।

वित्त मंत्री ही तो अच्छा काम कर रहे थे, उन्हें भी हटा दिया
राजेश अग्रवाल और धर्मपाल सिंह को मंत्री पद से हटाने जाने पर भी अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने दो अच्छे मंत्री हटा दिए। वित्तमंत्री तो अच्छा काम कर रहे थे। ढाई साल की भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर कहा कि जो सीएम हैं वही बने रहें, उनकी कृपा से हम फिर आ जाएंगे। बोले- सबसे ज्यादा कस्टडी डेथ और फेक एनकाउंटर यूपी में होते हैं।

माननीय देखें क्षेत्र, संगठन मुझे देखने दें
शनिवार रात संगठन को लेकर हुई बैठक के बारे में बताया कुछ माननीय चाहते हैं कि उनके खास नेता को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्हें लगता है कि संगठन में अपना खास होगा तो टिकट मिलने में आसानी होगी। मेरा उनसे कहना है कि वे अपना क्षेत्र देखें और संगठन मुझे चलाने दें।


सपाइयों को एकजुट कराने की कोशिश, सुल्तान और शहजिल को साथ पिलाई चाय
बरेली। अखिलेश यादव ने शनिवार से लेकर रविवार तक सपाइयों में पड़ी फूट को खत्म करने को पूरी मेहनत की। सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के बाद वह सबसे पहले पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शुभलेश यादव को भी अपने साथ गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद वह पूर्व मंत्री अताउर्रहमान के यहां पहुंचे और वहां उनके परिवार एवं अन्य लोगों के साथ फोटो खिंचाए। वहां से पूर्व विधायक सुल्तान बेग के यहां गए। इस दौरान डॉ. अनीस बेग, जफर बेग, संजीव यादव आदि मौजूद रहे। सुल्तान बेग के यहां पूर्व विधायक शहजिल इस्लाम भी वहां पहुंचे लेकिन पीछे खड़े हो गए। इस पर अखिलेश यादव ने सुल्तान बेग और डॉ. अनीस बेग से उनका हाथ मिलवाया। अनीस बेग ने पुराने गिले-शिकवे भुलाने की बात कही तो अखिलेश ने कहा डॉक्टर हो सर्जरी कर लेते हो, पक्की सर्जरी करो। लेकिन सुल्तान बेग के फोन करने के बावजूद तबियत ठीक न होने के चलते इस्लाम साबिर नहीं पहुंचे। इसके बाद वह अरविंद यादव के घर भी पहुंचे। यहां रविंद्र यादव, हैदर अली, प्रमोद यादव आदि मौजूद रहे। महिला नेता नीरज तिवारी के परिवार से भी मुलाकात की। वहीं, सूरज यादव के घर नेता विपक्ष रामगोविंद चौधरी पहुंचे। कैप्टन अर्जुन सिंह के यहां जाने का कार्यक्रम था लेकिन स्थगित हो गया। सुल्तान बेग के यहां भीड़ के चलते फोटो खिंचाने वालों में जमकर धक्कामुक्की हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed