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Bareilly: एक जगह जमे पुलिसवाले हटेंगे, एक्शन मोड में एसएसपी, कहा- तैनाती की जांच कराकर होगी कार्रवाई

Fri, 27 Oct 2023 10:43 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Updated Fri, 27 Oct 2023 10:43 AM IST
सार

बरेली में सिपाही और पीआरवी के हेड कांस्टेबल की बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने जांच बैठा दी है। उन पुलिसकर्मियों की तैनाती की भी जांच होगी, जो काफी समय से एक ही जगह पर जमे हुए हैं। 

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Policemen posted at one place for long time will be transfer in Bareilly
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में पीआरवी में स्टाफ की तैनाती के नाम पर खेल के चर्चे पहले से हैं। अब घूसखोरी को हवा देती सिपाही की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद एसएसपी ने जांच बैठा दी है। लगातार एक जगह या महत्वपूर्ण स्थानों पर जमे हुए स्टाफ को जांच के बाद हटाया जाएगा।

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यूपी 112 के सिपाही पुष्पेंद्र सिंह रजत की ओर से पीआरवी के हेड कांस्टेबल अब्दुल कादिर को की गई कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल होने से विभाग में खलबली मची है। इसमें ट्रैफिक साहब के नाम पर दीवान को दफ्तर बुलाया जा रहा था। पूरी रिकॉर्डिंग में यह साफ पता लग रहा है कि पीआरवी की लगभग सभी गाड़ियां महीने का हिसाब ऊपर देती हैं, जो स्टाफ ऐसा नहीं करता, उसे नुकसान हो सकता है।
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एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने सिपाही पुष्पेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। उन्होंने एसपी सिटी राहुल भाटी को प्रकरण की जांच सौंपी है। जांच में खासतौर से बातचीत कर रहे दोनों कर्मचारियों का बयान लिया जाएगा। इनसे बातचीत में कुछ इनपुट मिला तो अन्य पक्षों के बयान भी लिए जा सकते हैं। जांच में तथ्य मिले तो कई मोटी गर्दनें फंसने के आसार हैं।

गोपनीय शिकायतों की भरमार से अफसर दंग
कुछ समय से यूपी 112 में तैनाती को लेकर शिकायतों की भरमार है। सूत्र बताते हैं कि अधिकतर शिकायतों में तैनाती ही मुख्य मुद्दा है। कई मामलों में आर्थिक सांठगांठ से तैनाती का भी जिक्र है। शिकायतें इस तरह हैं कि थाने से हटाया गया पुलिसकर्मी कुछ ही दिन में उसी थाने की पीआरवी पर उसी क्षेत्र में तैनात कर दिया है। वह अपनी पूर्व तैनाती के स्थल के इर्दगिर्द ही घूम रहा है। आरोप है कि हिसाब न देने वाले स्टाफ को उपेक्षित किया जा रहा है। यातायात पुलिस से जुड़े मामलों में भी इसी तरह की शिकायतें भी अफसरों के पास आई हैं।

बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं एसपी ट्रैफिक
यातायात पुलिस में वर्षों से बोलचाल के तौर पर ट्रैफिक साहब शब्द को एसपी ट्रैफिक पद के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस वजह से मामले को वरिष्ठ पीपीएस अधिकारी एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने इस तरह के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। बताया है कि यह उनकी कर्मठ छवि बिगाड़ने की कोशिश भर है। 

राममोहन सिंह जिले में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह जिले में यातायात पुलिस के मुखिया होने के साथ ही यूपी 112 और महत्वपूर्ण सेवा पासपोर्ट में भी पुलिस की गतिविधियों के नोडल अधिकारी हैं। हाल ही में आईजी ने उनकी वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें रेंज के सभी थानों में खड़े कबाड़ वाहनों के निस्तारण का नोडल अधिकारी भी बनाया है। उन्हें मंडल के चारों जिलों के एसपी से समन्वय करके थानों को साफ कराना है।

एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि ऑडियो के अलावा लगातार एक जगह तैनाती जैसे बिंदुओं पर भी एसपी सिटी जांच करके हकीकत का पता करेंगे। उन्हें बिंदुवार शिकायतों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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