{"_id":"5fcd3d1d8ebc3ecfb754e219","slug":"police-was-alert-on-december-6-officers-kept-updating-bareilly-news-bly42928490","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह दिसंबर पर अलर्ट रही पुलिस, अफसर लेते रहे अपडेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह दिसंबर पर अलर्ट रही पुलिस, अफसर लेते रहे अपडेट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने की बरसी पर छह दिसंबर को शासन के आदेश पर बरेली में हाईअलर्ट किया गया था। इसे लेकर खासी सजगता बरती गई। अधिकारी भ्रमण कर माहौल पर नजर रखे रहे। थानों से फोन पर भी अपडेट लेते रहे। कुछ संगठनों ने कार्यक्रम भी किए। इस बीच अफवाह उड़ी कि सैलानी में कुछ लड़कों ने बाइक रैली निकालकर नारेबाजी की। अधिकारियों तक भी यह शिकायत पहुंची तो जांच कराई गई।
रविवार को जिले में अधिकारी खासे अलर्ट रहे। एडीजी अविनाश चंद्र, डीआईजी राजेश पांडेय और प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह माहौल पर नजर रखे रहे। एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने पुराना शहर और कोतवाली के संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। सीओ प्रथम दिलीप सिंह, सीओ द्वितीय साद मियां खां, सीओ तृतीय श्वेता यादव अपने क्षेत्र में फोर्स के साथ गश्त करती रहीं। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात रही। मिलीजुली घनी आबादी वाले इलाकों में खुफिया अमले की टीम ने भी घूमकर इनपुट जुटाया। स्थिति के बारे में अधिकारियों को लगातार अपडेट दिया जाता रहा।
सैलानी में बाइक रैली निकालने की शिकायत दरगाह आला हजरत से जुड़े एक संगठन के पदाधिकारी ने अफसरों तक पहुंचाई। उनका कहना था कि छह दिसंबर को हर तरह के कार्यक्रम पर रोक थी। इसके बावजूद कुछ लड़के बाइक रैली लेकर सैलानी से होकर निकले। ये आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे। शिकायत के बाद सीओ तृतीय श्वेता यादव और इंस्पेक्टर बारादरी शितांशु शर्मा मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच में शिकायत गलत पाई गई।
विज्ञापन
इधर, हिंदू जागरण एकता समिति की ओर से छह दिसंबर को सिविल लाइंस के हनुमान मंदिर में शांति एकता दिवस के रूप में मनाया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज सक्सेना ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशों और कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखकर संगठन ने मंदिर में शाम को भजन कीर्तन किया।
मुस्लिम मजलिस ने मनाया काला दिवस
बरेली। आल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने रविवार को काला दिन मनाया। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने घरों में ही बाहों पर काली पट्टी बांध कर गम का इजहार किया। इस मौके पर मजलिस के जिलाध्यक्ष अतीक करम इदरीसी ने कहा कि आज ही के दिन 1992 में नफरती लोगों ने बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया गया था। देश में महात्मा गांधी की हत्या के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी घटना थी। इस दिन को इतिहास में हमेशा काला दिवस के तौर पर जाना जाएगा। इस मामले में इंसाफ नहीं किया गया, बल्कि इंसाफ का गला घोटा गया है। इससे पूरी दुनिया में देश की बदनामी हुई है।
कुछ लोगों ने शिकायत की कि सैलानी में बाइक सवार लड़कों ने नारेबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश की। सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से तस्दीक की गई लेकिन शिकायत झूठी पाई गई। सूचना फिलहाल भ्रामक साबित हुई है। - श्वेता यादव, सीओ तृतीय
विज्ञापन
रविवार को जिले में अधिकारी खासे अलर्ट रहे। एडीजी अविनाश चंद्र, डीआईजी राजेश पांडेय और प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह माहौल पर नजर रखे रहे। एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने पुराना शहर और कोतवाली के संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। सीओ प्रथम दिलीप सिंह, सीओ द्वितीय साद मियां खां, सीओ तृतीय श्वेता यादव अपने क्षेत्र में फोर्स के साथ गश्त करती रहीं। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात रही। मिलीजुली घनी आबादी वाले इलाकों में खुफिया अमले की टीम ने भी घूमकर इनपुट जुटाया। स्थिति के बारे में अधिकारियों को लगातार अपडेट दिया जाता रहा।
विज्ञापन
सैलानी में बाइक रैली निकालने की शिकायत दरगाह आला हजरत से जुड़े एक संगठन के पदाधिकारी ने अफसरों तक पहुंचाई। उनका कहना था कि छह दिसंबर को हर तरह के कार्यक्रम पर रोक थी। इसके बावजूद कुछ लड़के बाइक रैली लेकर सैलानी से होकर निकले। ये आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे। शिकायत के बाद सीओ तृतीय श्वेता यादव और इंस्पेक्टर बारादरी शितांशु शर्मा मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच में शिकायत गलत पाई गई।
विज्ञापन
इधर, हिंदू जागरण एकता समिति की ओर से छह दिसंबर को सिविल लाइंस के हनुमान मंदिर में शांति एकता दिवस के रूप में मनाया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज सक्सेना ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशों और कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखकर संगठन ने मंदिर में शाम को भजन कीर्तन किया।
मुस्लिम मजलिस ने मनाया काला दिवस
बरेली। आल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने रविवार को काला दिन मनाया। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने घरों में ही बाहों पर काली पट्टी बांध कर गम का इजहार किया। इस मौके पर मजलिस के जिलाध्यक्ष अतीक करम इदरीसी ने कहा कि आज ही के दिन 1992 में नफरती लोगों ने बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया गया था। देश में महात्मा गांधी की हत्या के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी घटना थी। इस दिन को इतिहास में हमेशा काला दिवस के तौर पर जाना जाएगा। इस मामले में इंसाफ नहीं किया गया, बल्कि इंसाफ का गला घोटा गया है। इससे पूरी दुनिया में देश की बदनामी हुई है।
कुछ लोगों ने शिकायत की कि सैलानी में बाइक सवार लड़कों ने नारेबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश की। सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से तस्दीक की गई लेकिन शिकायत झूठी पाई गई। सूचना फिलहाल भ्रामक साबित हुई है। - श्वेता यादव, सीओ तृतीय