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Bareilly: सीलिंग की जमीन कब्जाने-बेचने के मामले में फंसेगी गर्दनें, पुलिस ने प्रशासन से मांगी जांच रिपोर्ट

Fri, 22 Mar 2024 07:36 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 22 Mar 2024 07:36 PM IST
सार

बरेली के फाइक एन्क्लेव में सीलिंग की जमीन कब्जाने और बेचने के मामले में तत्कालीन अफसर समेत कई फंस सकते हैं। पुलिस ने प्रशासन से जांच रिपोर्ट मांगी है। 

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Police sought investigation report from the administration in the land dispute case in Bareilly
कोतवाली बारादरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के फाइक एन्क्लेव में सीलिंग की जमीन कब्जाने व बेचने के मामले में बरातघर मालिक से लेकर अन्य प्रभावशाली लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बारादरी थाना पुलिस ने इस मामले में प्रशासन से जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी।

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बारादरी थाना क्षेत्र के जगतपुर लाला बेगम बाहर चुंगी स्थित सीलिंग की जमीन को शातिरों ने अपनी जमीन बताकर बेच दी थी। शिकायत मिलने के बाद कमिश्नर ने सीडीओ से जांच कराई थी। जांच में कब्जे की पुष्टि होने पर कमिश्नर ने रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे। 
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सदर तहसील के लेखपाल जयनारायन की तहरीर पर वुडरो स्कूल ऑफ सोसायटी के अध्यक्ष रिषी वानी, उपाध्यक्ष गुलवानी, फहम लान के मालिक आरिफ, आरिफ का साथी शरीफ और नेतराम के खिलाफ बारादरी थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना बारादरी इंस्पेक्टर अमित पांडेय कर रहे हैं। इंस्पेक्टर ने प्रशासन से संबंधित जांच रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों को ध्यान में रखकर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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बिकती रहीं सरकारी जमीनें, जिम्मेदार खाते रहे मलाई
सूत्रों के मुताबिक करीब तीस साल पहले सीलिंग की जमीन को आरिफ, नेतराम, चंपा देवी, द्वारिका आदि ने अपना बताकर बेचा था। जांच में पता लगा है कि यह लोग सरकारी जमीन की आपस में खरीद फरोख्त करते रहे, लेकिन उस वक्त से लेकर अब तक तहसील व अन्य विभागों के जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे रहे। रजिस्ट्री दफ्तर में सांठगांठ कर सरकारी जमीनों के बैनामे करा लिए गए। चार्जशीट में तत्कालीन अफसरों पर शिकंजा कस सकता है। लेखपाल से कानूनगो तक फंस सकते हैं।

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