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Bareilly News: पुलिस देती रही कागजी दबिश, हाईकोर्ट से स्टे ले आया फरार इंस्पेक्टर

Fri, 20 Sep 2024 07:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2024 07:09 AM IST
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Police kept giving paper raids, absconding inspector got stay from High Court
बरेली। फर्जी डिग्री बांटने के मामले में विजय शर्मा की गिरफ्तारी में तत्परता दिखाने वाली पुलिस, रिश्वतखोरी के मामले में फरार इंस्पेक्टर रामसेवक के मामले में फेल साबित हुई। कागजों पर दबिश चलती रही, इधर रामसेवक को हाईकोर्ट से 60 दिनों तक गिरफ्तारी के खिलाफ स्टे ऑर्डर मिल गया है। इस अवधि में रामसेवक को जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश होने का आदेश दिया गया है।
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सात लाख रुपये रिश्वत लेकर स्मैक तस्करों को छोड़ने के मामले में फरार इंस्पेक्टर रामसेवक के सरकारी आवास से नौ लाख रुपये बरामद किए गए थे। मामले में भ्रष्टाचार की धारा समेत दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। रामसेवक की ओर से रिपोर्ट रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसे उच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया। रामसेवक को मोहलत देते हुए न्यायालय ने कहा कि यदि वह 60 दिनों के भीतर जिला एवं सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत/अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करता है तो उसके प्रार्थना पर अदालत विचार कर सकती है। इन 60 दिनों तक बरेली पुलिस फरार इंस्पेक्टर रामसेवक को गिरफ्तार नहीं कर सकती है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रामसेवक ने रंजिशन फंसाने का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अब अपनी इसी बात को न्यायालय में साबित करने के लिए वह साक्ष्य एकत्र करेगा। सूत्र ये भी बताते हैं कि रामसेवक विभाग के ही एक शख्स को इसके लिए जिम्मेदार मान रहा है। उसके खिलाफ रामसेवक के पास साक्ष्य भी हैं, जिन्हें कोर्ट में पेश करके वह केस की तस्वीर पलट सकता है।
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एसआईटी भी नाकाम
रामसेवक के मुकदमे की विवेचना कर रहे सीओ हाईवे नितिन कुमार ने उसके खिलाफ सरकारी पिस्टल व कारतूस गबन की एक और रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अन्य अपराधियों के पकड़ में न आने पर पुलिस कोर्ट से उसका गैर जमानती वारंट, कुर्की आदि की कार्रवाई कराती है। रामसेवक के मामले में ऐसा कुछ नहीं किया गया। काफी समय तक वह नहीं मिला तो एसएसपी अनुराग आर्य ने सीओ हाईवे नितिन कुमार के निर्देशन में एसआईटी गठित कर दी थी। इसमें सर्विलांस व साइबर सेल प्रभारी, एसओजी प्रभारी व चार पुलिसकर्मी थे। टीम ने चार-पांच ठिकानों पर दबिश दी पर वह हाथ नहीं आया। अमर उजाला ब्यूरो


रामसेवक की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार दबिश दे रही थी। उसे हाईकोर्ट से साठ दिन में जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है, जहां वह जमानत के लिए आवेदन कर सकता है। 60 दिनों तक उसने ऐसा नहीं किया तो टीम फिर उसकी गिरफ्तारी में जुटेगी। - नितिन कुमार, सीओ हाईवे
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