Bareilly: सरगना के खर्च के लिए लूट करने निकले थे लुटेरे, पुलिस ने दबोचे, बोले- हमें और कोई काम नहीं आता
पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों अपने खर्च पूरे करने के लिए लूटपाट करते थे। इनके गैंग के दोनों सरगना जेल में बंद हैं। आरोपियों के मुताबिक सरगना को खर्च देने के लिए लूट करने निकले थे। तभी पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
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जब किसी गिरोह का सरगना जेल में बंद हो तो उसके खर्चे उठाने की जिम्मेदारी गुर्गों पर होती है। बरेली में इज्जतनगर पुलिस के गुडवर्क में ऐसा ही मामला देखने को मिला। गिरफ्त में आए गुर्गों ने पुलिस के सामने कबूला कि जेल में बंद अपने उस्ताद को खर्चा देने के लिए लूट करने निकले थे।
हाल ही में मिनी बाइपास पर गैंगस्टर शिवम उर्फ गोलू और नरेंद्र ने एक संविदा स्वास्थ्य कर्मी की बाइक लूटकर उसके फोन से रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। इज्जतनगर पुलिस ने उनको जेल भेज दिया था। अब गैंग के तीन अन्य गुर्गों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। इनमें मठ लक्ष्मीपुर के मोहित, वासू और कैंट के देव सिंह शामिल हैं।
दोनों सरगना जेल में बंद
तीनों आरोपियों ने बताया कि वे अपना खर्चा चलाने के लिए छिनैती, लूट, वाहन चोरी और चेन स्नेचिंग करते हैं। तीनों ने बताया कि वे गैंगस्टर गोलू और नरेंद्र के गिरोह के सदस्य हैं। उनके दोनों सरगना जेल में बंद हैं। जेल में मेहनत से छुटकारा और दूसरी सहूलियतों के लिए उन्हें खर्चे की जरूरत होती है।
इसकी जिम्मेदारी गिरोह के बाकी लोगों पर है। वह बाइक चोरी, लोगों से छिनैती और लूट करके रुपये जमा करते हैं और पेशी के दौरान दोनों सरगना को रकम देते हैं। पुलिस ने तीनों के पास से चोरी की बाइक, एक स्कूटी, तीन मोबाइल फोन, एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं।
फिर करनी है चोरी-लूट
तीनों आरोपियों ने पुलिस की मौजूदगी में मीडिया को बताया कि उन लोगों का काम चोरी और लूट करना है। वह कोई दूसरा काम नहीं कर सकते। परिवार के खर्चे और अपने शौक पूरे करने हैं तो ये करना मजबूरी है। जेल से छूटकर फिर यही काम करेंगे।