फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Police Arrested Father and brother in law who tried to kill daughter by acid attack in bareilly

पिता का कबूलनामा: इश्क में बागी हो गई थी बेटी... मारते न तो क्या करते? जिंदा बचने पर दुल्हन के बाप को अफसोस

Wed, 26 Apr 2023 10:30 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 26 Apr 2023 10:30 AM IST
सार

बरेली में शादी के बाद भी प्रेमी के घर जाने की जिद पर अड़ी युवती को पिता समेत परिजनों ने मिलकर जान से मारने की कोशिश की। तेजाब मुंह में डालने के साथ शरीर पर फेंक दिया। 12 घंटे चली तफ्तीश में ऑनर किलिंग की कोशिश जैसी स्थिति साफ हो गई है। युवती के पिता और बहनोई ने ही वारदात को अंजाम दिया।

विज्ञापन
Police Arrested Father and brother in law who tried to kill daughter by acid attack in bareilly
घटना स्थल पर पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में मरणासन्न हालत में मिली शाही की युवती के पिता ने दिन भर गोलमोल बातों के बाद शाम ढलते ही गुनाह कबूल कर लिया। उसने पुलिस से कहा कि वह लोग तो मरा समझकर छोड़ आए थे, बेटी जाने कैसे बच गई। तोताराम ने बताया कि बेटी को गांव का ही युवक पिछले साल अप्रैल में फुसलाकर ले गया था। 
विज्ञापन


युवक उन्हीं की बिरादरी का था तो आपसी समझौते के तहत तीन दिन बाद वह बेटी को ले आया। दस दिन बाद दोबारा बेटी उसके साथ चली गई। इस बार ये लोग एक सप्ताह में वापस लौटे। इससे उसकी गांव में काफी बदनामी हुई थी। तब से उसने सोच लिया था कि बेटी की कहीं और शादी कर देगा।
विज्ञापन


दोनों दामाद छेदालाल और दिनेश के साथ मिलकर उसने कई रिश्ते देखे। फिर भमोरा के गांव नत्था की गौटिया निवासी दामाद दिनेश ने ही अपने पड़ोस के गांव भगवानपुर (जिला बदायूं) में देवेंद्र से रिश्ता तय कराया। बेटी प्रेमी से ही शादी पर अड़ी थी पर उन्होंने किसी तरह निगरानी कर उसे रोक रखा था। बवाल के डर से गांव में बरात नहीं बुलाई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी 22 अप्रैल को शाही के पास मिर्जापुर के बरातघर में बरात आई। बेटी ने रात भर ड्रामा किया। फिर बीमारी का बहाना कर फेरे नहीं लिए। उन्होंने भी देवेंद्र के साथ जबरन उसे गाड़ी में बैठाकर विदा किया। वह घर पहुंचे ही थे कि देवेंद्र की कॉल आ गई। कहा कि आपकी बेटी किसी से नहीं बोल रही, आप आकर देख लो। तब वह बाइक से बेटे प्रेम कुमार के साथ 23 अप्रैल की सुबह बेटी की ससुराल पहुंच गए। 

दोनों दामादों को बुला लिया। वहां बेटी ने साफ कह दिया कि वह इस शादी को नहीं मानती, प्रेमी के साथ ही जाएगी। उन लोगों ने काफी पहले बेटी से मोबाइल छीन लिया था। उन्होंने देखा कि वह पति के मोबाइल से प्रेमी से बात कर रही है। देवेंद्र व उसके परिजनों का कहना था कि उन लोगों को फंसा दिया गया है।

ऐसे दिया घटना को अंजाम
एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल को दी जानकारी के मुताबिक 23 अप्रैल की रात तोताराम समेत चारों लोग बेटी की ससुराल में रुके। सुबह नौ बजे तोताराम बेटे को लेकर बाइक से देवचरा आए। वहां से टॉयलेट क्लीनर (लाइट एसिड) लिया। इसकी तस्दीक दुकान मालिक ने भी की। फिर वापस बेटी की ससुराल आए। वहां से शाम चार बजे बेटी को साथ लेकर दो बाइक से ये लोग गांव को चले। 

रास्ते में कई जगह रुकते हुए आराम से आए। झुमका तिराहे के होटल पर खाना खाया, जिसकी फुटेज पुलिस को मिली है। इसके बाद रात बारह बजे करीब शंखा रोड पर पहुंचे। फिर रोड से बेटी को झाड़ियों की ओर ले गए। वहां इन लोगों ने उसका गला दबाया। मरा समझने के बाद उसके मुंह के अंदर, चेहरे व शरीर पर टॉयलेट क्लीनर डाला। फिर वहां से तोताराम अपने और दामाद अपने घर चले गए।

एसएसपी ने सुबह ही लगा दीं टीमें, हर बिंदु पर कराया काम
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सुबह जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित का हाल देखा। फिर एसपी देहात के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। भमोरा एसओ को भगवानपुर जाकर सच पता करने की जिम्मेदारी दी। एसओजी अस्पताल चौकी पर आए तोताराम व दूसरे परिजनों के पास सादा कपड़ों में खड़े रहकर हावभाव परखती रही। सर्विलांस सेल ने कई नंबरों की डिटेल निकालकर कड़ियां जोड़ दीं। एक टीम ने देवचरा बाजार से लेकर फतेहगंज पश्चिमी रोड तक के सीसीटीवी चेक कर ये तस्दीक की कि युवती परिवार के साथ ही बेफिक्र जा रही थी। ऐसे कई साक्ष्यों से घटना का कबीब बारह घंटे में ही खुलासा हो गया।

पेशेवर नहीं थे आरोपी, बदलते बयानों में ही फंस गए
युवती के साथ हुई घटना में आरोपी परिवार के ही थे और पेशेवर नहीं थे, इसलिए जल्दी ही टूट गए। इनका बदला बयान और व्यवहार भी पुलिस की नजर में चढ़ गया। पिता सुबह काफी देर से जिला अस्पताल आया। शुरू में तो उसने कह दिया कि यह मेरी बेटी नहीं है। बाद में बेटी को पहचाना तो खुद को घटना से अनजान बताया। दामाद दिनेश ने खुद किनारा करते हुए घटना से अनभिज्ञता जताई। वहीं घटना में अजय का हाथ साबित करने की कोशिश कर पुराने घटनाक्रम के बारे में बताया। पीड़िता के हावभाव से भी पुलिस को क्लू मिल गया।

डॉक्टर बोले- बहुत हिम्मती है पीड़ित युवती
इमरजेंसी में उपचार करने वाले डॉ. एके सिंह ने बताया कि युवती का शरीर करीब 48 फीसदी झुलसा हुआ है। बताया कि तेजाब जैसा ही पदार्थ लग रहा है जो मुंह के रास्ते श्वास नली में होकर शरीर तक पहुंचा है। आंखें भी लगभग खराब हो गई हैं। कहा कि युवती काफी हिम्मती है जो हालात से लड़ रही है। दोपहर दो बजे उन्होंने उसे हायर सेंटर रेफर किया। हालांकि लखनऊ ले जाने का रिस्क बचाकर उसका भोजीपुरा के निजी मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया जा रहा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed