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स्टेडियम में बाहरी लड़कों का खिलाड़ियों पर हमला, लड़कियों से भी की मारपीट
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मारपीट का शिकार खिलाड़ी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
युवा कल्याण विभाग की कबड्डी प्रतियोगिता में रेफरी के निर्णय पर विवाद के बाद स्टेडियम में घुसे 20-25 हमलावर
मारपीट के दौरान तमाशा देखता युवा कल्याण विभाग का स्टाफ
पुलिस के पहुंचने से पहले भागे, पिटे खिलाड़ियों ने दी तहरीर
बरेली। युवा कल्याण विभाग की ओर से बुधवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान रेफरी के निर्णय पर जमकर बवाल हुआ। बाहरी लड़कों ने स्टेडियम में घुसकर नवाबगंज के खिलाड़ियों को जमकर पीटा। लड़कियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो उनसे भी मारपीट की, रेफरी को भी नहीं छोड़ा। पूरी घटना के दौरान स्टेडियम का स्टाफ तमाशाई बना रहा। पुलिस को सूचना देने के बाद हमलावर स्टेडियम से निकले। खिलाड़ियों ने मॉडल टाउन पुलिस चौकी पर तहरीर दी है।
डोरीलाल अग्रवाल स्पोर्ट्स स्टेडियम में युवा कल्याण विभाग की ओर से जनपद स्तरीय ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता चल रही है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे नवाबगंज और मीरगंज की टीमों के बीच कबड्डी का मुकाबला चल रहा था। इसी दौरान रेफरी के एक निर्णय पर दोनों टीमों के बीच विवाद हो गया। नवाबगंज के खिलाड़ियों का कहना है कि कुछ ही देर बाद बाहर से आए 20-25 लड़कों ने उन पर हमला कर दिया। खेलों में हिस्सा लेने आईं लड़कियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में नवाबगंज के कई खिलाड़ी घायल हो गए।
मारपीट की घटना के दौरान कई कोच और स्टेडियम स्टाफ मौजूद था लेकिन किसी ने हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की। खिलाड़ियों ने मोबाइल से उनकी वीडियो बनानी शुरू की तो हमलावरों ने उन्हें धमकाया भी। नवाबगंज के खिलाड़ियों ने डायल 112 पर फोन किया तो हमलावरों ने स्टेडियम से निकलना शुरू किया। पुलिस के पहुंचने तक हमलावर भाग चुके थे। मारपीट के शिकार खिलाड़ी इसके बाद मॉडल टाउन चौकी पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। पुलिस को हमलावरों की बाइकों की फुटेज भी दी। चौकी इंचार्ज रामेश्वर का कहना है कि बाइकों के नंबर से हमलावरों की पहचान की जाएगी।
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मारपीट करने से पहले खेलों की व्यवस्था संभाले हुए थे हमलावर
मॉडल टाउन चौकी में तहरीर देने के बाद नवाबगंज के खिलाड़ी सुरेंद्र सिंह और विनीता देवी ने बताया कि हमलावरों की संख्या 20-25 थी। वह खिलाड़ी नहीं थे लेकिन मीगंज की टीम का सपोर्ट कर रहे थे। युवा कल्याण विभाग ने खेल की सारी व्यवस्थाएं भी उन्हीं के हवाले कर रखी थी। यही नहीं मारपीट के दौरान भी युवा कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने बीचबचाव की कोशिश नहीं की।
हमने महज मैदान उपलब्ध कराया- आरएसओ
आरएसओ जितेंद्र यादव का कहना है कि हमने खेल प्रतियोगिता के लिए केवल मैदान उपलब्ध कराया है। खेल व खिलाड़ियों की जिम्मेवारी युवा कल्याण विभाग की है। दोपहर में झगड़ा हुआ था। हारने वाली टीम ने झगड़ा किया था। मैच रेफरी के साथ हारने वाली टीम अभद्रता कर रही थी।
खिलाड़ियों के ही बीच मारपीट होने की शिकायत आई थी। वहां मौजूद लोगों ने बीचबचाव करा दिया जिसके बाद मामला खत्म हो गया। - दिलीप श्रीवास्तव, युवा कल्याण अधिकारी
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मारपीट के दौरान तमाशा देखता युवा कल्याण विभाग का स्टाफ
पुलिस के पहुंचने से पहले भागे, पिटे खिलाड़ियों ने दी तहरीर
बरेली। युवा कल्याण विभाग की ओर से बुधवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान रेफरी के निर्णय पर जमकर बवाल हुआ। बाहरी लड़कों ने स्टेडियम में घुसकर नवाबगंज के खिलाड़ियों को जमकर पीटा। लड़कियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो उनसे भी मारपीट की, रेफरी को भी नहीं छोड़ा। पूरी घटना के दौरान स्टेडियम का स्टाफ तमाशाई बना रहा। पुलिस को सूचना देने के बाद हमलावर स्टेडियम से निकले। खिलाड़ियों ने मॉडल टाउन पुलिस चौकी पर तहरीर दी है।
डोरीलाल अग्रवाल स्पोर्ट्स स्टेडियम में युवा कल्याण विभाग की ओर से जनपद स्तरीय ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता चल रही है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे नवाबगंज और मीरगंज की टीमों के बीच कबड्डी का मुकाबला चल रहा था। इसी दौरान रेफरी के एक निर्णय पर दोनों टीमों के बीच विवाद हो गया। नवाबगंज के खिलाड़ियों का कहना है कि कुछ ही देर बाद बाहर से आए 20-25 लड़कों ने उन पर हमला कर दिया। खेलों में हिस्सा लेने आईं लड़कियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में नवाबगंज के कई खिलाड़ी घायल हो गए।
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मारपीट की घटना के दौरान कई कोच और स्टेडियम स्टाफ मौजूद था लेकिन किसी ने हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की। खिलाड़ियों ने मोबाइल से उनकी वीडियो बनानी शुरू की तो हमलावरों ने उन्हें धमकाया भी। नवाबगंज के खिलाड़ियों ने डायल 112 पर फोन किया तो हमलावरों ने स्टेडियम से निकलना शुरू किया। पुलिस के पहुंचने तक हमलावर भाग चुके थे। मारपीट के शिकार खिलाड़ी इसके बाद मॉडल टाउन चौकी पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। पुलिस को हमलावरों की बाइकों की फुटेज भी दी। चौकी इंचार्ज रामेश्वर का कहना है कि बाइकों के नंबर से हमलावरों की पहचान की जाएगी।
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मारपीट करने से पहले खेलों की व्यवस्था संभाले हुए थे हमलावर
मॉडल टाउन चौकी में तहरीर देने के बाद नवाबगंज के खिलाड़ी सुरेंद्र सिंह और विनीता देवी ने बताया कि हमलावरों की संख्या 20-25 थी। वह खिलाड़ी नहीं थे लेकिन मीगंज की टीम का सपोर्ट कर रहे थे। युवा कल्याण विभाग ने खेल की सारी व्यवस्थाएं भी उन्हीं के हवाले कर रखी थी। यही नहीं मारपीट के दौरान भी युवा कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने बीचबचाव की कोशिश नहीं की।
हमने महज मैदान उपलब्ध कराया- आरएसओ
आरएसओ जितेंद्र यादव का कहना है कि हमने खेल प्रतियोगिता के लिए केवल मैदान उपलब्ध कराया है। खेल व खिलाड़ियों की जिम्मेवारी युवा कल्याण विभाग की है। दोपहर में झगड़ा हुआ था। हारने वाली टीम ने झगड़ा किया था। मैच रेफरी के साथ हारने वाली टीम अभद्रता कर रही थी।
खिलाड़ियों के ही बीच मारपीट होने की शिकायत आई थी। वहां मौजूद लोगों ने बीचबचाव करा दिया जिसके बाद मामला खत्म हो गया। - दिलीप श्रीवास्तव, युवा कल्याण अधिकारी