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सीट 120 और नेट-जेआरएफ 350 750 अभ्यर्थियों ने किया है आवेदन
बीरेली
Updated Fri, 12 Dec 2014 09:39 PM IST
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 14 दिसंबर को होने वाली शिक्षाशास्त्र की पीएचडी की काउंसिलिंग में आवेदकों की संख्या सीट से कहीं अधिक है। शिक्षाशास्त्र में कुल 120 सीट हैं, जबकि यहां नेट और जेआरएफ के 350 अभ्यर्थी हैं।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पीएचडी की काउंसिलिंग के लिए बनी मेरिट में नेट और जेआरएफ के साथ ही पीएचडी के कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के नंबर इसमें जोड़े गए हैं। इसलिए, जेआरएफ और नेट में भी सीईटी परीक्षा में बैठने वाले जेआरएफ और नेट को ही वरीयता मिलेगी। इसमें 750 अभ्यर्थियों ने शिक्षाशास्त्र में पीएचडी के लिए आवेदन किया था लेकिन, सीट सिर्फ 120 होने की वजह से सभी विद्यार्थियों को मौका नहीं मिल पा रहा है। इसमें से 100 अभ्यर्थी जेआरएफ के हैं और नेट 250 नेट के। पीएचडी कोऑर्डीनेटर प्रो. वीपी सिंह ने बताया कि ऐसे में भले ही जेआरएफ के सभी अभ्यर्थियों को पीएचडी की काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका मिल जाए, लेकिन नेट के अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पाएगा। बहुत से नेट पास अभ्यर्थियों को लग रहा है कि उन्होंने सीईटी नहीं किया है, इसलिए उन्हें नहीं लिया जा रहा है। जबकि नेट और सीईटी को मिलाकर मेरिट बनाई है, ताकि किसे पीएचडी का मौका मिले और किसको नहीं, इसके लिए वरीयता क्रम बनाया जा सके। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शिक्षाशास्त्र में सबसे ज्यादा नेट और जेआरएफ अभ्यर्थी हैं, इतने किसी भी विभाग में नहीं हैं। इसलिए, अभ्यर्थियों को पीएचडी की काउंसिलिंग का मौका मिलने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्द्धा होगी।
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