Rs 2000 Notes Exchange: बरेली में दो हजार के नोट बदलवाने बैंकों में पहुंचे लोग, जानिए पहले दिन का हाल
दो हजार के नोट बदलने में ग्राहकों को असुविधा न हो, इसके लिए कई बैंक शाखाओं में अलग से काउंटर लगाने गए, लेकिन कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों की शाखों में अलग काउंटर न होने से लोगों को परेशानी हुई।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की गाइडलाइन के मुताबिक मंगलवार से दो हजार रुपये के नोट बदलने काम शुरू हो गया। बरेली जिले में बैंक खुलते ही लोग दो हजार के नोट लेकर पहुंचने लगे। सुव्यवस्थित तरीके से नोट बदले जाएं और ग्राहकों को असुविधा न हो, इसके लिए कई बैंक शाखाओं में अलग से काउंटर लगाने गए, लेकिन कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों की शाखों में अलग काउंटर न होने से लोगों को परेशानी हुई। दो हजार के नोट जमा करने और बदलने के लिए लोगों को कतारों में लगना पड़ा।
फरीदपुर के मोहल्ला टीचर्स कॉलोनी निवासी नरेश पाल सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। वह दो हजार के 10 नोट एसबीआई बैंक में बदलने के लिए आए। उन्होंने बताया कि एसबीआई की फरीदपुर शाखा में कोई अतिरिक्त काउंटर नहीं लगाया गया। बैंक कर्मियों द्वारा बताया गया कि कुछ ही लोग नोट बदलवाने आ रहे हैं, उनके आसानी से नोट बदले जा रहे हैं। भीड़ की कोई स्थिति नहीं है, जिस कारण कोई अतिरिक्त काउंटर नहीं लगाया गया।
यहां भी अलग से काउंटर नहीं था
नवाबगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा में नोट बदलने के लिए कोई अलग से काउंटर की व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने स्टेट बैंक के बाहर लगी मशीन में दो हजार के नोट जमा किए। कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती पश्चिमी निवासी मोहम्मद कादिर दो हजार के नोट बदलने आए तो कैशियर ने खाते में जमा करने को कह दिया। बाद में कार्यवाहक शाखा प्रबंधक मुदिता के कहने पर नोट बदले गए। शाखा प्रबंधक ने बताया कि नोट बदलने के लिए भीड़ बढ़ सकती है, जिसको देखते हुए एक अलग काउंटर की भी व्यवस्था की जाएगी।
फतेहगंज पूर्वी में बैंक ऑफ बड़ौदा में दो हजार के नोट बदलने के लिए कोई अलग से काउंटर नहीं था। मैनेजर संजीव जौहरी ने बताया कि स्टाफ की कमी है। इसलिए अलग से कोई काउंटर नहीं है। एसबीआई की शाखा में भी कोई अलग से काउंटर नहीं था, सिर्फ एक कर्मचारी खातों में रकम जमा कर रहा था। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में भी यही हाल रहा। पहले दिन शहर की बैंक शाखों में भीड़ कम रही। आसानी से नोट बदले और जमा किए गए।