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अवैध पॉलिथीन फैक्ट्रियों पर सफाई देने नगर निगम पहुंचे पीसीबी के अधिकारी
बरेली।
Updated Tue, 19 Dec 2017 01:35 AM IST
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बिना अनुमति पॉलिथीन फैक्ट्रियां चलाने की खबर छपने के बाद कारोबारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह कार्यालय खुलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दो अधिकारी नगर निगम पहुंचे और नगर आयुक्त को अवैध फैक्ट्रियों के संचालन पर सफाई दी। नगर आयुक्त ने पॉलिथीन के अवैध उत्पादन पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि लाइसेंसधारी फैक्ट्रियों की सूची निगम को उपलब्ध कराई जाए।
मेयर उमेश गौतम पॉलीथिन प्रयोग के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, उधर अफसरों की मिलीभगत से कई अवैध फैक्ट्रियों में पॉलीथिन का उत्पादन हो रहा है। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया तो सोमवार सुबह ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अफसर सफाई देने नगर निगम पहुंच गए। नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव से मिलकर उन्होंने विभागीय पक्ष रखा, लेकिन नगर आयुक्त संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने जिले में संचालित पॉलिथीन फैक्ट्रियों की सूची मांगी तो अफसर बगले झांकने लगे और बताया कि चार फैक्ट्रियाें पर लाइसेंस हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि मंगलवार तक उनके कार्यालय में वैध पॉलीथिन फैक्ट्रियों की सूची उपलब्ध करा दी जाए।
बता दें कि परसाखेड़ा, रजऊ परसपुर और पुराना शहर में पॉलिथीन बनाने की दर्जनभर फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनमें अधिकांश फैक्ट्रियां प्रदूषण नियंत्रण विभाग में पंजीकृत नहीं हैं। परसाखेड़ा स्थित नीता प्लास्टिक इंडस्ट्री समेत कुछ फैक्ट्री संचालकों का दावा है कि वे सिर्फ पैकिंग मैटेरियल ही बनाते हैं।
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नगर निगम करेगा कार्यवाही
अवैध पॉलिथीन फैक्ट्रियों पर अब नगर निगम लगाम कसेगा। नगर निगम की टीम इन फैक्ट्रियों की तलाश कर जांच करेगी। इनके संचालन में किसी विभाग की संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ लिखा जाएगा। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
मेयर उमेश गौतम पॉलीथिन प्रयोग के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, उधर अफसरों की मिलीभगत से कई अवैध फैक्ट्रियों में पॉलीथिन का उत्पादन हो रहा है। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया तो सोमवार सुबह ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अफसर सफाई देने नगर निगम पहुंच गए। नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव से मिलकर उन्होंने विभागीय पक्ष रखा, लेकिन नगर आयुक्त संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने जिले में संचालित पॉलिथीन फैक्ट्रियों की सूची मांगी तो अफसर बगले झांकने लगे और बताया कि चार फैक्ट्रियाें पर लाइसेंस हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि मंगलवार तक उनके कार्यालय में वैध पॉलीथिन फैक्ट्रियों की सूची उपलब्ध करा दी जाए।
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बता दें कि परसाखेड़ा, रजऊ परसपुर और पुराना शहर में पॉलिथीन बनाने की दर्जनभर फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनमें अधिकांश फैक्ट्रियां प्रदूषण नियंत्रण विभाग में पंजीकृत नहीं हैं। परसाखेड़ा स्थित नीता प्लास्टिक इंडस्ट्री समेत कुछ फैक्ट्री संचालकों का दावा है कि वे सिर्फ पैकिंग मैटेरियल ही बनाते हैं।
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नगर निगम करेगा कार्यवाही
अवैध पॉलिथीन फैक्ट्रियों पर अब नगर निगम लगाम कसेगा। नगर निगम की टीम इन फैक्ट्रियों की तलाश कर जांच करेगी। इनके संचालन में किसी विभाग की संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ लिखा जाएगा। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त