फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Payment was made through MNREGA by bypassing the standards, now nine lakh rupees will be recovered

Bareilly News: मानक दरकिनार कर मनरेगा से करा दिया भुगतान, अब होगी नौ लाख रुपये की वसूली

Tue, 03 Dec 2024 03:02 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Tue, 03 Dec 2024 03:02 AM IST
विज्ञापन
Payment was made through MNREGA by bypassing the standards, now nine lakh rupees will be recovered
बरेली। नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रत्नानंदपुर और मजरा नंदपुर में दो दसवां संस्कार स्थल व एक सामुदायिक शेड का निर्माण कराने के बाद मानक दरकिनार करते हुए भुगतान मनरेगा से करा दिया गया। यही नहीं ग्राम पंचायत में 1.20 लाख के पौधे भी मनरेगा से खरीदकर लगा दिए गए। मनरेगा के जिला लोकपाल की जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद अब जिम्मेदारों से नौ लाख रुपये की वसूली की जाएगी।
विज्ञापन

रत्नानंदपुर निवासी प्रेमचंद, टीकाराम और नत्थूलाल आदि ने शिकायत की थी कि उनकी ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों में फर्जीवाड़ा हुआ है। जिला लोकपाल मनरेगा शिशुपाल मौर्य ने इसकी जांच शुरू की तो पता चला कि 2,34,516 रुपये की लागत से रत्नानंदपुर और 1,88,998 रुपये की लागत से नंदपुर में दसवां संस्कार स्थल का निर्माण कराया गया था। इसका भुगतान मनरेगा से कर दिया गया, जबकि मनरेगा से इसका भुगतान नहीं होना चाहिए था।
विज्ञापन

इसी तरह ग्राम समाज की भूमि में एक सामुदायिक शेड का निर्माण कराया गया। उसका भी 3,37,798 लाख रुपये का भुगतान मनरेगा से किया गया। प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर साल 1500 से लेकर 2000 पौधे लगाने के लिए आते हैं। इसके बावजूद ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने निजी नर्सरी से 1.20 लाख रुपये के पौधे खरीदे। मनरेगा से 1,48,755 रुपये का भुगतान कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह मनरेगा की कुल 9.10 लाख रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया गया। जिम्मेदारों से यह धनराशि वसूली जाएगी। इसके लिए जिला लोकपाल मनरेगा ने शासन को पत्र लिखा है।
--
सचिव समेत पांच कर्मचारियों पर 28-28 हजार रुपये का जुर्माना
जो विकास कार्य कराए गए थे, उनके अभिलेख तक तैयार नहीं किए गए। और तो और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ने विकास कार्यों का निरीक्षण तक नहीं किया और न ही अभिलेख पूरे कराए। इसको लेकर ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, लेखाकार और खंड विकास अधिकारी पर 28-28 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कार्यक्रम अधिकारी पर एक हजार रुपये का जुर्माना अलग से लगाया गया है।

--
फोटो
नियमानुसार इन कार्यों का भुगतान मनरेगा से नहीं होना था। सभी जिम्मेदारों से वसूली होगी। शासन को पत्र भेज दिया गया है। अगर किसी अन्य गांव में इस तरह का फर्जीवाड़ा हुआ है या हो रहा है तो उस गांव के लोग कार्यालय आकर शिकायत कर सकते हैं। - शिशुपाल मौर्य, जिला लोकपाल मनरेगा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed