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Bareilly News: बुखार-खांसी के मरीज बढ़े, जिला अस्पताल में कम पड़ रहे बेड
Thu, 24 Oct 2024 04:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 24 Oct 2024 04:19 AM IST
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बरेली। बदलते मौसम में बुखार-खांसी के मरीज बढ़ गए हैं। कई मरीज सीने में दर्द की शिकायत लेकर भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में कतार लग रही है। हालत यह है कि बेड कम पड़ जा रहे हैं। सोफे पर लिटाकर मरीजों को डि्रप लगाई जा रही है। वहीं, तीन सौ बेड अस्पताल में मरीजों की संख्या न के बराबर है।
जिला अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक रोज पहुंचने वाले मरीजों में से आधे वायरल बीमारियों से पीड़ित हैं। उन्हें बुखार, खांसी, उल्टी और दस्त की शिकायत है। इनमें से 40-45 मरीज रोज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। वहीं, 25 प्रतिशत मरीज सीने में दर्द और सांस की परेशानी लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी के ऊपर बने वार्ड भर गए हैं। फिलहाल, बुखार के 15 और सीने में दर्द के 12 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
एक मरीज, कई तीमारदार
वार्ड और अस्पताल में मरीजों से अधिक भीड़ तीमारदारों की है। स्टाफ का कहना है कि मना करने के बाद भी एक मरीज के साथ कई तीमारदार रहते हैं। ऐसे में वायरल बीमारियों के फैलने का भी खतरा रहता है। इससे कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं।
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बेटे को बुखार है, पर नहीं मिला बेड
मेरे बेटे शहवाज को बुखार है, लेकिन बेड नहीं मिल सका। सोफे पर ही उसको डि्रप चढ़ाई गई है। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि बेड खाली होते ही उसे शिफ्ट कर दिया जाएगा। - मुजीब अहमद
सीने में दर्द की शिकायत है। दो दिन से भर्ती हूं। मेरे सामने ही रोजाना 40 से 45 मरीज आ रहे हैं। बेड न होने की वजह उन्हें दूसरे वार्ड में भेज दिया जाता है, या लौटा दिया जाता है। - संजीव
सांस लेने में काफी दिक्कत है। बुखार के साथ सीने में दर्द भी है। दवाओं की परेशानी नहीं है, लेकिन व्यवस्था और सफाई को लेकर अस्पताल के अधिकारियों को कुछ करना चाहिए। - फैज
कुत्तों ने बनाया बसेरा
इमरजेंसी वार्ड के ऊपर बने वार्ड में कुत्तों ने अपना बसेेरा बना लिया है। यहां वार्ड के बाहर दरवाजे पर ही कुत्ते लेटे या घूमते हुए दिख जाते हैं। इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। वार्डाें के साथ ही पूरे जिला अस्पताल में कुत्तों की भरमार है। अस्पताल प्रशासन भी आंखें मूंदे रहता है।
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जिला अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक रोज पहुंचने वाले मरीजों में से आधे वायरल बीमारियों से पीड़ित हैं। उन्हें बुखार, खांसी, उल्टी और दस्त की शिकायत है। इनमें से 40-45 मरीज रोज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। वहीं, 25 प्रतिशत मरीज सीने में दर्द और सांस की परेशानी लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी के ऊपर बने वार्ड भर गए हैं। फिलहाल, बुखार के 15 और सीने में दर्द के 12 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
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एक मरीज, कई तीमारदार
वार्ड और अस्पताल में मरीजों से अधिक भीड़ तीमारदारों की है। स्टाफ का कहना है कि मना करने के बाद भी एक मरीज के साथ कई तीमारदार रहते हैं। ऐसे में वायरल बीमारियों के फैलने का भी खतरा रहता है। इससे कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं।
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बेटे को बुखार है, पर नहीं मिला बेड
मेरे बेटे शहवाज को बुखार है, लेकिन बेड नहीं मिल सका। सोफे पर ही उसको डि्रप चढ़ाई गई है। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि बेड खाली होते ही उसे शिफ्ट कर दिया जाएगा। - मुजीब अहमद
सीने में दर्द की शिकायत है। दो दिन से भर्ती हूं। मेरे सामने ही रोजाना 40 से 45 मरीज आ रहे हैं। बेड न होने की वजह उन्हें दूसरे वार्ड में भेज दिया जाता है, या लौटा दिया जाता है। - संजीव
सांस लेने में काफी दिक्कत है। बुखार के साथ सीने में दर्द भी है। दवाओं की परेशानी नहीं है, लेकिन व्यवस्था और सफाई को लेकर अस्पताल के अधिकारियों को कुछ करना चाहिए। - फैज
कुत्तों ने बनाया बसेरा
इमरजेंसी वार्ड के ऊपर बने वार्ड में कुत्तों ने अपना बसेेरा बना लिया है। यहां वार्ड के बाहर दरवाजे पर ही कुत्ते लेटे या घूमते हुए दिख जाते हैं। इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। वार्डाें के साथ ही पूरे जिला अस्पताल में कुत्तों की भरमार है। अस्पताल प्रशासन भी आंखें मूंदे रहता है।