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पवन अस्पताल में मिली फर्जी पैथालॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर
बरेली
Updated Thu, 04 Feb 2016 01:33 AM IST
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बरेली। सीएमओ की टीम ने बुधवार को जनकपुरी स्थित पवन अस्पताल में छापा मारकर कई दस्तावेज जमा कराए। यहां एक डॉक्टर पूरा अस्पताल संभाल रहे हैं। उनका रजिस्ट्रेशन आर्थोपेडिक सर्जन के नाम से है, लेकिन वह पैथालॉजी और जांच सेंटर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे है। नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
कमिश्नर कार्यालय के पास पवन अस्पताल के बारे में शिकायत मिली थी कि डॉ. सुशील अग्रवाल आर्थोपेडिक सर्जन हैं, लेकिन पूरा अस्पताल चला रहे हैं। इनके पास प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं है। शिकायत को सीएमओ कार्यालय भेजकर जांच के निर्देश दिए गए थे। बुधवार को एसीएमओ के साथ टीम ने दोपहर बाद अस्पताल पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की। अस्पताल में पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर और एक्सरे जांच भी की जा रही थी, यहां पैथालॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। लैब टेक्नीशियन भी प्रशिक्षित नहीं थे। पैरामेडिकल स्टाफ के नाम पर छह कर्मचारी ड्यूटी पर थे, लेकिन एक का भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है। यहां आठ से दस मरीज भर्ती भी किए जाते हैं। टीम ने अस्पताल संचालक के बयान नोटकर लिए हैं। सीएमओ की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान एसीएमओ डॉ. आलोक चंद्रा, डॉ. एसएस चौहान व अन्य स्टाफ मौजूद रहा। रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं करते थे डॉक्टर
एसीएमओ डॉ. एसएस चौहान ने बताया कि अस्पताल, पैथालॉजी और अल्ट्रासाउंड का पंजीकरण सीएमओ कार्यालय में कराया गया है। यहां न तो प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही संबंधित डॉक्टर। डॉक्टर जांच कर रहे थे लेकिन रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं करते थे। इस तरह से ये फर्जी रिपोर्ट मानी जाती है।
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अस्पताल में पैथालॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर में कोई रेडियोलॉजिस्ट और पैथालॉजिस्ट नहीं था। स्टाफ भी रजिस्टर्ड नहीं था। यह फर्जीवाड़ा ही है। सीज करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
- डॉ. विजय यादव, सीएमओ
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कमिश्नर कार्यालय के पास पवन अस्पताल के बारे में शिकायत मिली थी कि डॉ. सुशील अग्रवाल आर्थोपेडिक सर्जन हैं, लेकिन पूरा अस्पताल चला रहे हैं। इनके पास प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं है। शिकायत को सीएमओ कार्यालय भेजकर जांच के निर्देश दिए गए थे। बुधवार को एसीएमओ के साथ टीम ने दोपहर बाद अस्पताल पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की। अस्पताल में पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर और एक्सरे जांच भी की जा रही थी, यहां पैथालॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। लैब टेक्नीशियन भी प्रशिक्षित नहीं थे। पैरामेडिकल स्टाफ के नाम पर छह कर्मचारी ड्यूटी पर थे, लेकिन एक का भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है। यहां आठ से दस मरीज भर्ती भी किए जाते हैं। टीम ने अस्पताल संचालक के बयान नोटकर लिए हैं। सीएमओ की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान एसीएमओ डॉ. आलोक चंद्रा, डॉ. एसएस चौहान व अन्य स्टाफ मौजूद रहा। रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं करते थे डॉक्टर
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एसीएमओ डॉ. एसएस चौहान ने बताया कि अस्पताल, पैथालॉजी और अल्ट्रासाउंड का पंजीकरण सीएमओ कार्यालय में कराया गया है। यहां न तो प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही संबंधित डॉक्टर। डॉक्टर जांच कर रहे थे लेकिन रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं करते थे। इस तरह से ये फर्जी रिपोर्ट मानी जाती है।
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अस्पताल में पैथालॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर में कोई रेडियोलॉजिस्ट और पैथालॉजिस्ट नहीं था। स्टाफ भी रजिस्टर्ड नहीं था। यह फर्जीवाड़ा ही है। सीज करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
- डॉ. विजय यादव, सीएमओ