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Bareilly News: 15 साल में धरातल पर नहीं उतर सकी परसाखेड़ा आवासीय योजना, शासन ने किया जवाब-तलब
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सीबीगंज। आवास एवं विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना 15 वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। अब शासन ने अधिशासी अभियंता से जवाब मांगा हैं। परिषद के अधिकारी अपना बचाव करते हुए जवाब तैयार कर रहे हैं।
आवास एवं विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना सात गांव टियूलिया, धतियां, हमीरपुर, वोहित, फरीदापुर रामचरण, बल्लिया , मिलक इमामगंज की कुल 561 हेक्टेयर जमीन आवासीय योजना विकसित होनी है।
2012 में जमीन अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया की गई थी, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी। सालों बाद 2022 में 2 नवंबर को आवास विकास परिषद के मुख्यालय पर आयोजित बोर्ड की बैठक में योजना लैंड पूलिंग स्कीम के तहत स्वीकृत हुई, लेकिन अधिकारियों की लेट-लतीफी के के चलते योजना अभी तक धरातल पर नहीं उतर सकी है।
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बताते हैं कि अवार्ड कार्रवाई के लिए दो माह पूर्व प्रस्ताव बनाकर परिषद के मुख्यालय भेजा था। इसके बाद मुख्यालय से प्रस्ताव में कुछ कमियां रह गईं थीं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिया खंड कार्यालय को वापस भेज दिया था मगर एक माह बाद भी प्रस्ताव को दुरुस्त कर अभी तक नहीं भेजा है अब शासन ने 15 वर्षों के अंतराल का जवाब मांगा है। संवाद
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आवास एवं विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना सात गांव टियूलिया, धतियां, हमीरपुर, वोहित, फरीदापुर रामचरण, बल्लिया , मिलक इमामगंज की कुल 561 हेक्टेयर जमीन आवासीय योजना विकसित होनी है।
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2012 में जमीन अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया की गई थी, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी। सालों बाद 2022 में 2 नवंबर को आवास विकास परिषद के मुख्यालय पर आयोजित बोर्ड की बैठक में योजना लैंड पूलिंग स्कीम के तहत स्वीकृत हुई, लेकिन अधिकारियों की लेट-लतीफी के के चलते योजना अभी तक धरातल पर नहीं उतर सकी है।
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बताते हैं कि अवार्ड कार्रवाई के लिए दो माह पूर्व प्रस्ताव बनाकर परिषद के मुख्यालय भेजा था। इसके बाद मुख्यालय से प्रस्ताव में कुछ कमियां रह गईं थीं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिया खंड कार्यालय को वापस भेज दिया था मगर एक माह बाद भी प्रस्ताव को दुरुस्त कर अभी तक नहीं भेजा है अब शासन ने 15 वर्षों के अंतराल का जवाब मांगा है। संवाद