पंचायत का अजीबोगरीब फरमान: दुष्कर्म के आरोपी और पीड़िता की शादी का सुनाया फैसला, रिपोर्ट दर्ज, युवक गिरफ्तार
बरेली के शीशगढ़ क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में हुई पंचायत ने आरोपी से पीड़िता की शादी कराने पर समझौता करा दिया। मामला तूल पकड़ा तो मंगलवार को आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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बरेली के शीशगढ़ क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर अपराध में पंचायत ने अजीबोगरीब फैसला सुना दिया। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराने के बजाय दुष्कर्म के आरोपी और पीड़िता के बालिग होने पर शादी का फरमान सुना दिया। इतना ही नहीं, सोमवार को लड़की की गोद भराई और लड़के के तिलक की रस्म भी कर दी गई। गांव में मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस मंगलवार को हरकत में आई और केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
लड़की की मां ने शिकायत में कहा कि पड़ोसी युवक पिछले एक वर्ष से डरा धमकाकर दुष्कर्म कर रहा था। उसने वीडियो भी बना लिया। वह किशोरी को वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। पिछले दिनों डरी सहमी किशोरी ने अपनी मां से पूरी बात बता दी। इसके बाद मां ने 16 सितंबर को थाना शीशगढ़ में शिकायती पत्र दिया।
पुलिस ने दर्ज नहीं की थी रिपोर्ट
इसमें एक गांव के ही युवक पर 15 साल की बेटी को डरा-धमकाकर लंबे समय से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। किशोरी की मां ने आरोपी के पिता से भी शिकायत की। आरोप है कि पिता-पुत्र ने महिला को डराया-धमकाया और उनके इकलौते बेटे को जान से मारने की धमकी दी।
जब गांव के लोगों को पता चला कि किशोरी की मां ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायती पत्र दिया है तो पंचायत बुला ली गई। पंचायत में किशोरी के बालिग होने पर उससे शादी करने का फैसला सुना दिया गया।
एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि इस प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पीड़िता की मां ने आरोपी पर बेटी से यौन शोषण करने और उसके पिता पर धमकाने का आरोप लगाया है। शिकायत 16 सितंबर को ही पहली बार थाने आई थी। तीन दिन पहले थाना प्रभारी बदल गए। हो सकता है कि थाना स्तर पर लापरवाही हुई हो। सीओ बहेड़ी को मामले की जांच सौंपी गई है। उन्होंने मौके पर जाकर बयान लिए हैं। मुख्य आरोपी गिरफ्तार किया गया है।
पंचायत में 15 लोग थे
पंचायत में 15 लोग शामिल थे। इनमें मौजूदा प्रधान के पिता भी शामिल थे। समझौता एक पूर्व प्रधान ने लिखा। समझौते पर उनके हस्ताक्षर हैं। इसमें लिखा है कि दोनों पक्ष समझौते से सहमत हैं। दोनों पक्ष की रजामंदी से यह तय हुआ है कि आरोपी की शादी लड़की के बालिग होने पर दो साल दस महीने बाद की जाएगी।