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धान खरीद घोटाला : खतौनियों का सत्यापन करने वाला लेखपाल निलंबित
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धान की फसल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मामले में 74 लोगों के खिलाफ दर्ज है रिपोर्ट, तीन आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
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नवाबगंज। छह हजार क्विंटल धान की फर्जी खरीद करने के मामले में अभिलेखों का सत्यापन करने वाले लेखपाल धर्मेंद्र कुुमार को तहसीलदार ने निलंबित कर दिया। तहसीलदार ने इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। इस मामले में 74 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, इसमें से तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
पिछले वर्ष धान खरीद में खूब गोलमाल हुआ था। बिचौलियों ने फर्जी अभिलेखों के माध्यम से तहसील क्षेत्र में खोले गए अलग-अलग धान क्रय केंद्रों पर पांच हजार क्विंटल धान फर्जी अभिलेखों पर तौला कर अपने खाते में भुगतान करा लिया था। मामले की शिकायत शासन स्तर पर होने की बात जांच की गई तो बड़ा घोटाला सामने आया। मामले में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ज्ञानचंद्र वर्मा ने 21 मई 2021 को 74 लोगों के खिलाफ थाना नवाबगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
एक सप्ताह पूर्व पुलिस ने कस्बे के मोहल्ला गांधी टोला निवासी जगदीश राठौर, मोहम्मद जावेद और पितांबरपुर गांव के प्रमोद को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की तो उन्होंने कुछ राइस मिलों और वहां काम करने वाले लोगों के साथ मिलकर फर्जी अभिलेखों के माध्यम से क्रय केंद्रों पर धान की तौल कराके अपने खातों में भुगतान कराने की बात स्वीकार की। इस मामले में पुलिस दो राइस मिलर के नाम भी शामिल करने जा रही है। शुक्रवार को तहसीलदार शेर बहादुर सिंह ने हलका लेखपाल धर्मेंद्र कुमार को फर्जी अभिलेखों का सत्यापन करने पर निलंबित कर दिया।
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पिछले वर्ष धान खरीद में खूब गोलमाल हुआ था। बिचौलियों ने फर्जी अभिलेखों के माध्यम से तहसील क्षेत्र में खोले गए अलग-अलग धान क्रय केंद्रों पर पांच हजार क्विंटल धान फर्जी अभिलेखों पर तौला कर अपने खाते में भुगतान करा लिया था। मामले की शिकायत शासन स्तर पर होने की बात जांच की गई तो बड़ा घोटाला सामने आया। मामले में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ज्ञानचंद्र वर्मा ने 21 मई 2021 को 74 लोगों के खिलाफ थाना नवाबगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
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एक सप्ताह पूर्व पुलिस ने कस्बे के मोहल्ला गांधी टोला निवासी जगदीश राठौर, मोहम्मद जावेद और पितांबरपुर गांव के प्रमोद को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की तो उन्होंने कुछ राइस मिलों और वहां काम करने वाले लोगों के साथ मिलकर फर्जी अभिलेखों के माध्यम से क्रय केंद्रों पर धान की तौल कराके अपने खातों में भुगतान कराने की बात स्वीकार की। इस मामले में पुलिस दो राइस मिलर के नाम भी शामिल करने जा रही है। शुक्रवार को तहसीलदार शेर बहादुर सिंह ने हलका लेखपाल धर्मेंद्र कुमार को फर्जी अभिलेखों का सत्यापन करने पर निलंबित कर दिया।
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धान की तौल के मामले में सत्यापन का कार्य करने वाले हलका लेखपाल धर्मेंद्र कुमार दोषी पाया गया है, इस पर उसे निलंबित कर दिया गया है। मामले की रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेज दी गई है। - शेर बहादुर सिंह, तहसीलदार नवाबगंज