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Bareilly News: धान-गन्ने की फसलें बिछीं, दलहन में सड़न का खतरा बढ़ा

Sun, 27 Sep 2026 01:44 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 27 Sep 2026 01:44 AM IST
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Paddy and sugarcane crops flattened; risk of rot in pulse crops increases.
बरेली। लगातार बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलें बिछ गई हैं। कटाई के मुहाने पर पहुंच चुकी धान की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने से उड़द, मूंग, तिल समेत अन्य दलहनी और तिलहनी फसलों समेत सब्जियों पर सड़न और फंगस का खतरा बढ़ गया है। इससे किसानों को लागत निकालने में भी मुश्किल आएगी।
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विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 5.44 लाख किसान हैं। डेढ़ लाख हेक्टेयर में धान, 1.25 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की गई है। दोनों प्रमुख फसलों पर बारिश और तेज हवा का असर किसानों के लिए चिंता का सबब बन गया है। 15,063.51 हेक्टेयर में उड़द, 1,398.14 हेक्टेयर में मूंग, 360.04 हेक्टेयर में अरहर और 6,365.64 हेक्टेयर में तिल बोया गया है। खेतों में पानी भरने से इन फसलों में सड़न और फंगस लगने की आशंका है। इसके अलावा, 7,761 हेक्टेयर में बाजरा, 4,124 में ज्वार, 946 में मक्का, 27.01 में श्रीअन्न, 25 में मूंगफली और नौ हेक्टेयर में सोयाबीन की बोआई की गई है। सब्जी उत्पादकों को भी जलभराव के कारण नुकसान की चिंता सता रही है।
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सोमवार से होगा सर्वे, खेतों से पानी निकालने की सलाह
कृषि विभाग ने सभी विकासखंडों में तैनात अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। किसानों को फसल बीमा का लाभ लेने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। सोमवार से विशेष टीमें गांव-गांव जाकर फसलों को हुई क्षति का आकलन करेंगी। इसके बाद नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। कृषि विभाग ने किसानों से खेतों से जलनिकासी सुनिश्चित करने की अपील की है। इससे फसल को होने वाले नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है, उन्हें नुकसान की सूचना संबंधित टोल-फ्री नंबर पर देने की सलाह दी गई है।
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वर्जन
धान, गन्ना समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों से आग्रह है कि 48 घंटे के भीतर फसल बीमा योजना का लाभ लें। असुविधा होने पर स्थानीय ब्लॉक या फिर कृषि अधिकारी और उप निदेशक कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। फसल नुकसान को लेकर सर्वे कराने के लिए भी टीमों को आदेशित कर दिया गया है। - ओपी मिश्र, उप निदेशक, कृषि

मुआवजे की मांग
सिरौली, बहेड़ी, नवाबगंज, मीरगंज, अलीगंज, फरीदपुर आदि के किसानों ने नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की है। एसडीएम फरीदपुर विदुषी सिंह ने तहसील क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधीनस्थों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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