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अब टीएसी करेगी नगर निकायों और डूडा के निर्माण कार्यों की जांच
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पीलीभीत। अब नगरपालिका, नगर पंचायतों और जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की जांच टेक्निकल ऑडिट सेल (टीएसी) करेगी। डीएम ने कुछ दिन पूर्व नगरपालिका और डूडा द्वारा कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया था। जांच में अधिकांश कार्य अधोमानक पाए गए थे। निर्माण कार्यों में घपलेबाजी की आशंका पर डीएम ने मंडलायुक्त से कार्यों की जांच टीएसी से कराने की संस्तुति की है।
डीएम ने 23 जनवरी को शहर के साईंधाम कॉलोनी और टेलीफोन एक्सचेंज के समीप नगरपालिका द्वारा बनवाई जा रही इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण बेहद धीमी गति से होने के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी बेहद खराब मिली थी। डीएम ने पालिका अफसरों की फटकार लगाते हुए जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए थे। उन्होंने दोनों स्थानों पर प्रयोग की जा रही ईंटों और निर्माण सामग्री की सैंपलिंग कराते हुए एक्सईएन लोक निर्माण हरस्वरूप को गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए थे।
वहीं शहर के खुदागंज में डूडा द्वारा नवनिर्मित इंटरलॉकिंग सड़क का निरीक्षण कर यहां भी सामग्री की सैंपलिंग कर जांच कराने के निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी लैब में हुई जांच में ईंट और निर्माण सामग्री अधोमानक पाई गई। जिस पर उन्होंने कराए गए कार्यों को श्रमदान घोषित कर दिया।
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वहीं अब डीएम ने जनपद की नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों समेत डूडा के चल रहे निर्माण कार्यों में भी धांधलेबाजी की आशंका जताई है। उन्होंने मंडलायुक्त को सभी नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों और डूडा द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की जांच मंडल स्तरीय टेक्निकल ऑडिट सेल से कराने की संस्तुति की है।
नगरपालिका और डूडा के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया था। गुणवत्ता खराब मिलने पर जांच कराई गई थी। प्रयुक्त ईंट अधोमानक पाई गई। मंडलायुक्त से सभी निर्माण कार्यों की जांच टीएसी से कराने की संस्तुति की गई है। -वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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डीएम ने 23 जनवरी को शहर के साईंधाम कॉलोनी और टेलीफोन एक्सचेंज के समीप नगरपालिका द्वारा बनवाई जा रही इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण बेहद धीमी गति से होने के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी बेहद खराब मिली थी। डीएम ने पालिका अफसरों की फटकार लगाते हुए जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए थे। उन्होंने दोनों स्थानों पर प्रयोग की जा रही ईंटों और निर्माण सामग्री की सैंपलिंग कराते हुए एक्सईएन लोक निर्माण हरस्वरूप को गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए थे।
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वहीं शहर के खुदागंज में डूडा द्वारा नवनिर्मित इंटरलॉकिंग सड़क का निरीक्षण कर यहां भी सामग्री की सैंपलिंग कर जांच कराने के निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी लैब में हुई जांच में ईंट और निर्माण सामग्री अधोमानक पाई गई। जिस पर उन्होंने कराए गए कार्यों को श्रमदान घोषित कर दिया।
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वहीं अब डीएम ने जनपद की नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों समेत डूडा के चल रहे निर्माण कार्यों में भी धांधलेबाजी की आशंका जताई है। उन्होंने मंडलायुक्त को सभी नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों और डूडा द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की जांच मंडल स्तरीय टेक्निकल ऑडिट सेल से कराने की संस्तुति की है।
नगरपालिका और डूडा के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया था। गुणवत्ता खराब मिलने पर जांच कराई गई थी। प्रयुक्त ईंट अधोमानक पाई गई। मंडलायुक्त से सभी निर्माण कार्यों की जांच टीएसी से कराने की संस्तुति की गई है। -वैभव श्रीवास्तव, डीएम