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जहरीली होती जा रही बरेली की हवा

Sat, 16 May 2015 01:05 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sat, 16 May 2015 01:05 AM IST
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पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों और जनरेटरों से निकलने वाले धुएं से बरेली की हवा जहरीली होती जा रही है। हरियाली की कमी और रोजाना बढ़ते धुएं के प्रदूषण से हवा में हानिकारक गैसें तय मानक से ज्यादा मात्रा में घुल रही हैं जो कि स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद खतरनाक हैं। अगर यही हाल रहा तो आगामी 10 साल के अंदर सांस, दमा, चर्मरोग, डायरिया के मरीजों की संख्या में तीन से चार गुना तक इजाफा हो सकता है।
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शहर में बेतहाशा बढ़ रही बाइक, कार, ट्रक, आटो आदि वाहनों की संख्या और जनरेटरों से निकलने वाले धुएं से हवा प्रतिदिन जहरीली होती जा रही है। इसमें बड़े और छोटे सूक्ष्म कणों की संख्या निर्धारित मानक 200 माइक्रोग्राम मीटर क्यूब से कहीं ज्यादा है। यही नहीं धुएं से हवा को प्रदूषित बनाने वाली गैसों में सल्फर डाईआक्साइड, नाइट्रोजन, आक्सीजन, ओजोन और लेड निर्धारित मात्रा (10 माइक्रोग्राम मीटर क्यूबिक) से दो गुने से भी ज्यादा है जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। वाहनों और जनरेटर के धुएं का प्रदूषण बढ़ने से हर माह आंखों में जलन, सांस, दमा, उल्टी, दस्त, डायरिया और चर्म रोगियों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी रही है। पिछले तीन माह के अंदर शहर के अलग-अलग इलाकों में कराए गए शोध के मुताबिक हवा में धुएं से घुलने वाली हानिकारक गैसों की मात्रा डेढ़ गुनी तक बढ़ी पायी गई।

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वायु प्रदूषण से ये बीमारियां फैल रही हैं
1- आरएसपीएम (बड़े सूक्ष्म कण)- सांस लेने में तकलीफ
2- एसपीएम- (बारीक सूक्ष्म कण)- फेफड़े में खराबी
3- सल्फर डाईआक्साइड- आंखों में जलन, रोशनी कम होना
4- नाइट्रोजन आक्साइड-हवा से आक्सीजन लेने की क्षमता कम होना, उल्टी, दस्त, चिड़चिड़ापन, दम घुटना, पेट की बीमारियां
5-ओजोन- चर्म रोग होना, स्किन खराबी
6- लेड- खून को जहरीला बनाना
डीजल और पेट्रोल से निकलने वाला लेड खून को जहरीला बनाता है।
हवा में हानिकारक गैसों की मात्रा   (माइक्रोग्राम मीटर क्यूबिक में)
नाम                 वर्तमान मात्रा (अप्रैल)      निर्धारित मानक       
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आरएसपीएम           229                       200
 एसपीएम               301                       200
सल्फरडाईआक्साइड   13.34                      10
नाइट्रोजन आक्साइड - 22.01                     10
ओजोन                  36.0                        80
लेड                      .085                        1.0  

        
फोटो-
 ऐसे कम हो सकता है वायु प्रदूषण  
बरेली कालेज बरेली में बाटनी विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. डीके सक्सेना के मुताबिकइन विकल्पों के इस्तेमाल से वायु प्रदूषण का खतरा कम किया जा सकता है।
1- डीजल पेट्रोल से चलने वाले वाहनों का कम इस्तेमाल
2- जनरेटर का प्रयोग कम करना
3- घनी आबादी में साइकिल से सफर करना
4- सीएनजी से चलने वाले वाहनों का प्रयोग करना
5- घर, दफ्तर, विश्वविद्यालय, अस्पताल या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सोलर पैनल लगवाकर प्रदूषण कम किया जा सकता है।

पंजीकृत वाहनों की संख्या
 स्कूटर-38273, मोपेड -3362, बाइक-324025, कार-27180, जीप-3609, ओमनी-13, ट्रैक्टर-41155, ऑटो-4572, टेंपो-2340, ई रिक्शा-785 ट्रक व लॉरी-3795 हल्के भार वाहन-7021 बस-860, मोटर कैब-1723, मैक्सी कैब-482

(ये वाहन आरटीओ में पंजीकृत हैं। अवैध वाहनाें की गिनती ही नहीं है।)
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