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गेरुआ वस्त्र पहनकर घूम रहे हैं अनवर मियां

Mon, 08 Jun 2015 01:46 AM IST
बरेली
बरेली Updated Mon, 08 Jun 2015 01:46 AM IST
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 मंगलवार सुबह एक सनसनी शहर में फैली कि दरगाह आला हजरत में एक हिंदू बाबा स्वामी अमरानंद राम-राम सूर्य महायोगी ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया है। इस सूचना की तस्दीक करने अमर उजाला संवाददाता दरगाह पहुंचा तो वहां जमात रजा मुस्तफा के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन के कमरे में कुछ लोगों के साथ बैठे गेरुआ वस्त्रधारी बाबा मीडिया वालों से बातचीत करने के लिए उतावले नजर आए। थोड़ी देर बाबा से बातचीत हुई तो कुछ और ही कहानी सामने आ गई।

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पता चला कि अनवर मियां नाम के यह बाबा तो 15 साल पहले ही गुजरात के भड़ूच में इस्लाम कबूल कर चुके हैं और उसके बाद वहां काफी समय तक शिया धर्मगुरुओं की सोहबत में रहते रहे। बताया गया कि यहां वह ताजुश्शरिया मौलाना अख्तर रजा खां उर्फ अजहरी मियां के मुरीद बने हैं, लेकिन वह यहां भी गेरुआ वस्त्र ही धारण किए हुए थे। दरगाह में बातचीत के दौरान कुछ लोगों ने कहा तो उन्होंने सिर पर इस्लामी टोपी पहन ली लेकिन शरीर से गेरुआ फिर भी नहीं उतरा। सनातन और इस्लाम धर्म में फर्क के बारे में कुछ सवाल पूछे गए तो बाबा अनवर मियां से काफी अटपटे जवाब मिले।
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संवाददाता ने उनसे पूछा कि हिंदू धर्म क्यों छोड़ा तो बोले, हिंदुओं के कपड़े काफी छोटे होते हैं जिनसे अश्लीलता झलकती है। इस्लाम के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करते हुए जब बाबा अनवर मियां ने मुसलमानों को चार शादी करने की आजादी होने की बात कही तो मौलाना शहाबुद्दीन ने भी आपत्ति की। उन्होंने बाबा से अपना बयान वापस लेने को कहा, लेकिन बाबा फिर भी अपनी मस्ती में मस्त रहे। शहाबुद्दीन ने उनसे इस्लामी लिबास पहनने को कहा तो बोले, इसी तरह गेरुआ वस्त्र पहनकर इस्लाम धर्म का प्रचार करता रहूंगा। शाम को पता चला कि बाबा अनवर मियां दरगाह से कहीं चले गए हैं।  
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बाबा की आईडी पर दिल्ली का पता
12 घंटे तक सूर्य दर्शन करने का दावा करने वाले स्वामी अमरानंद राम-राम की आईडी दरियागंज, दिल्ली की है। उनका कहना है कि वह बनारस के चतुर्वेदी परिवार से संबंध रखते हैं। कई धार्मिक स्थलों में वह रह चुके हैं। बटेश्वर धाम आगरा के कुछ कमरों पर उनका अभी भी कब्जा है। आश्रम के लिए उन्नाव में उन्हें हाल ही में काशीराम कालोनी के पास कुछ जमीन मिल गई है। 
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