फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   other

सीईओ के चैंबर में गश खाकर गिरी महिला

Sat, 06 Jun 2015 02:20 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sat, 06 Jun 2015 02:20 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन

 एमए पास होने के बावजूद टीचर पति की जगह मृतक आश्रित कोटे में सफाई कर्मी बनाई गई महिला शुक्रवार को आपत्ति जताने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड की सीईओ से मिलने के दौरान गश खाकर गिर पड़ी। उसके सिर में गंभीर चोट आई है जिसके चलते उसे कैंट जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वहीं, बोर्ड के कुछ सभासदों ने सीईओ पर महिला को डांटने का आरोप लगाकर विरोध का ऐलान किया है। जबकि सीईओएस उसे डांटने से इंकार कर रही हैं।
35 वर्षीय मनीषा त्रिपाठी के पति संजीव त्रिपाठी की दो साल पहले मौत हो गई थी। वह कैंट बोर्ड के आरएन टैगोर इंटर कालेज में शिक्षक थे। उनकी मौत के बाद कैंट बोर्ड की ओर से मनीषा को मृतक आश्रित पर लिपिक की नौकरी देने का प्रस्ताव बनाकर लखनऊ मुख्यालय भेजा गया था, लेकिन वहां से ग्रुप डी यानी सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति का आदेश जारी करके भेज दिया गया। इसके बाद से ही एमए पास मनीषा तनाव में चल रही थी। इसी सिलसिले में बातचीत के लिए वह शुक्रवार को दोपहर सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) विनीता पांडे से मिलने उनके चैंबर में पहुंची, जहां उसके बेहोश होकर गिरने के बाद बोर्ड कार्यालय में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में उसको कैंट जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। कैंट अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. वीवी सिंह का कहना है कि गिरने से उनके सिर में भी चोट लगी है। अभी उनको अंडर ऑब्जरवेशन पर रखा गया है। 24 घंटे बाद कुछ कहा जा सकता है। यहां वहीं, अस्पताल में महिला का हाल जानने के लिए कई कर्मचारी और बोर्ड उपाध्यक्ष मीता सती तथा मदन सिंह बिष्ट, रामकुमार राय, अब्दुल हमीद, वेद प्रकाश सक्सेना आदि पहुंच गए। सीईओ भी हालचाल जानने पहुंचीं। हालांकि इस घटना के बाद सभासदों और कुछ कर्मचारियों ने इसके लिए सीईओ को ही जिम्मेदार मानकर उनके व्यवहार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कुछ सभासदों का कहना था कि सीईओ के डांटने से महिला बेहोश हुई। इस सिलसिले में सभासदों ने शनिवार को सुबह दस बजे आरएन टैगोर इंटर कालेज में बैठक बुलाई है।
विज्ञापन



वर्जन...
यह बात ठीक है कि महिला की नियुक्ति तृतीय श्रेणी में होनी चाहिए। हमने इसका प्रस्ताव ही बनाकर भेजा था लेकिन चतुर्थश्रेणी में उसका नियुक्तिपत्र आने के बाद 20 मई को फिर से प्रस्ताव भेज दिया। हम लगातार उसकी नियुक्ति तृतीय श्रेणी में कराने की पैरवी कर रहे हैं। वह मुझसे मिलने आई थी, यही बात मैंने उसे बताई। उसे डांटने का आरोप गलत है। मैंने उसे डांटा नहीं था। वह परेशान थी, मैंने उसे थोड़ा इंतजार करने के लिए समझाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

-विनीता देशपांडेय, सीईओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed