आबिद की लालबत्ती पर दरगाह को एतराज
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सज्जादानशीन का कहना है कि यह सपा मुखिया और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का निजी फैसला है। उन्होंने दरगाह के नाम पर आबिद खां को लालबत्ती दिए जाने की निंदा भी की है। उनका कहना है कि इस मामले में दरगाह-ए-आला हजरत के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। दरगाह और सज्जादानशीन के निजी सचिव पद से आबिद खां को दो साल पहले की हटाया जा चुका है। वह इन दो सालों में कभी दरगाह पर हाजिर नहीं हुए। इसलिए हम कड़े शब्दों में सपा सरकार से फैसले और दरगाह के नाम को सियासी तौर पर इस्तेमाल करने का विरोध करते हैं।
आला हजरत कमेटी के ऑफिस में हुई बैठक में आबिद खां के मंत्री बनाए जाने पर नाराजगी जताई। बैठक में आबिद को मंत्री पद से हटाने की मांग की है। भारतीय मुस्लिम संघ के अध्यक्ष फैजुल नबी खां ने बैठक करके आबिद के मंत्री बनाए जाने पर एतराज जताया। उनका कहना था कि आबिद खां के मंत्री बनाए जाने से मुस्लिम समाज में आक्रोश है। आल इंडिया फैजान-ए-मदीना कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुईन सिद्दीकी नूरी ने कहा कि आबिद से सपा सरकार ने पूरी कौम का सौदा किया है।