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शील अस्पताल : एसीएमओ ने की उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश
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बरेली। करीब चार माह पहले शहर के शील अस्पताल में डेंगू से हुई मौत के मामले में एसीएमओ ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। साथ ही उन्हाेंने उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश भी की है।
पिछले दिनों डेंगू से 23 वर्षीय साफ्टवेयर इंजीनियर आयुषी सारस्वत की मौत का मामला एक बार फिर उछल गया है। आयुषी की माता-पिता ने राज्य महिला आयोग सदस्य रश्मि जायसवाल से शिकायत कर जांच में लीपापोती के आरोप लगाया था। इस पर एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जांच के दौरान अस्पताल और मृतका के माता-पिता के बयान दर्ज किए गए थे। अस्पताल में कमियां मिलने पर मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी थी। नवंबर के पहले सप्ताह में मरीजों को भर्ती करने शिकायत मिली तो वहां ताला डलवा दिया। यह पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। साथ ही उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश को भी लिखा है।
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पिछले दिनों डेंगू से 23 वर्षीय साफ्टवेयर इंजीनियर आयुषी सारस्वत की मौत का मामला एक बार फिर उछल गया है। आयुषी की माता-पिता ने राज्य महिला आयोग सदस्य रश्मि जायसवाल से शिकायत कर जांच में लीपापोती के आरोप लगाया था। इस पर एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जांच के दौरान अस्पताल और मृतका के माता-पिता के बयान दर्ज किए गए थे। अस्पताल में कमियां मिलने पर मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी थी। नवंबर के पहले सप्ताह में मरीजों को भर्ती करने शिकायत मिली तो वहां ताला डलवा दिया। यह पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। साथ ही उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश को भी लिखा है।
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