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कोर्ट की फाइलें गायब कराने में जमीनें कब्जाने वाले भी रडार पर

Tue, 19 Nov 2019 02:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2019 02:37 AM IST
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बरेली। सदर तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात हुए आईएएस ईशान प्रताप सिंह को आशंका है कि तहसीलदार सदर के न्यायालय से करोड़ों की जमीनों के मुकदमों की फाइलें गायब होना जमीन कब्जाने वालों और तहसील स्टाफ की सांठगांठ का नतीजा हो सकती है। इसकी पुष्टि के लिए अलग जांच शुरू करा दी गई है। इसके अलावा जल्द ही सभी न्यायालयों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने की भी कोशिश शुरू कर दी गई है।
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तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता के न्यायालय में 14 से 21 अक्तूबर के बीच लगी विभिन्न मुकदमों की तारीखों पर सुनवाई के लिए फाइलें तलाशी गईं तो सात फाइलें गायब मिली थीं। दो नवंबर को तहसीलदार सदर ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजी। तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने मामला जानकारी में आने के बाद एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया तो नाटकीय ढंग से तीन नवंबर को छह फाइलें तहसील से करीब पांच किमी दूर करगैना पुलिस चौकी के सामने एक कबाड़ी की दुकान से मिल गईं। डीएम नितीश कुमार ने पेशकार विक्रम सिंह को हटाकर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी है। इस बीच एसडीएम अमरेश कुमार का भी स्थानांतरण कर दिया गया। तहसीलदार समेत दूसरे स्टाफ भूमिका की जांच भी चल रही है। अब एसडीएम ईशान प्रताप सिंह ने इन मामलोें के वादी और प्रतिवादियों की भी भूमिका की जांच शुरू करा दी है। आशंका है कि मुकदमों में हेराफेरी कराने के लिए तहसील स्टाफ की सांठगांठ से फाइलें गायब कराई गई हो सकती हैं।
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केस फाइनल होने से ऐन पहले गायब हुई फाइल नहीं मिली
गायब हुई सात फाइलों में ग्राम सभा सफरी बनाम उस्माल अली रजा खान के मुकदमे की फाइल अब तक नहीं मिली है। ग्रामसभा की कई बीघा जमीन पर बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा करने की कोशिश के इस मामले की तहसीलदार कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। यह मामला फाइनल होने वाला था। ग्रामसभा के खिलाफ दूसरा पक्ष में इसमें पैरवी नहीं कर रहा था। यह केस पर जल्द निर्णय भी होने की कार्रवाई चल रही थी।
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समझ नहीं आ रहा...दोबारा कैसे बनाई जाए फाइल
तहसील के अफसरों को यह समझ में नहीं आ रहा कि तहसील से गायब एक मामले की फाइल को दोबारा सृजन कैसे किया जाए। एसडीएम ईशान प्रताप सिंह का कहना है कि कोर्ट से फाइल गायब होने के मामले में यह स्पष्ट प्रावधान नहीं है कि इसे दोबारा पुन: सृजित कैसे किया जाए। हालांकि वैधानिक प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा रही है।


तहसीलदार कोर्ट से फाइलें गायब होना गंभीर है। अब मैंने तहसीलदार कोर्ट के अलावा अपने कोर्ट और राजस्व अभिलेखागार समेत सभी महत्वपूर्ण जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा है। यह भी जानने की कोशिश की जाएगी कि कहीं वादी और प्रतिवादियों से सांठगांठ कर तो फाइलों को गायब नहीं किया गया। -ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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