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अब तक 19 लोग कर चुके हैं आला हजरत पर शोध
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बरेली। आला हजरत मौलाना अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी पर अब तक 19 लोग पीएचडी कर चुके हैं। इनमें विदेश के लोग भी शामिल हैं। वर्ष
1976 से लेकर अब तक आला हजरत पर रिसर्च करने वालों में कोलंबिया विश्वविद्यालय की डॉ. उषा सान्याल, कराची यूनिवर्सिटी के डॉ. मजीदउल्ला कादरी, डॉ. तनजीमुल फिरदौस, सिंध यूनिवर्सिटी पाकिस्तान के डॉ. हाफिज अब्दुल बारी, डॉ. अनवर खां, कानपुर विश्वविद्यालय के डॉ. सिराज रजा, बीएचयू के डॉ. तैयब रजा, पटना विश्वविद्यालय के डॉ. हसन रजा खां, बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के डॉ. इमामउद्दीन जौहर, डॉ. सैयद जमालउद्दीन, बिहार के ही डॉ. अहमद रजा, मैसूर विश्वविद्यालय के डॉ. गुलाम मुस्तफा कादरी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. अब्दुल नईम अजीजी, डॉ. तौकीर हसन खां और डॉ. जियाउर रहमान शामिल हैं।
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1976 से लेकर अब तक आला हजरत पर रिसर्च करने वालों में कोलंबिया विश्वविद्यालय की डॉ. उषा सान्याल, कराची यूनिवर्सिटी के डॉ. मजीदउल्ला कादरी, डॉ. तनजीमुल फिरदौस, सिंध यूनिवर्सिटी पाकिस्तान के डॉ. हाफिज अब्दुल बारी, डॉ. अनवर खां, कानपुर विश्वविद्यालय के डॉ. सिराज रजा, बीएचयू के डॉ. तैयब रजा, पटना विश्वविद्यालय के डॉ. हसन रजा खां, बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के डॉ. इमामउद्दीन जौहर, डॉ. सैयद जमालउद्दीन, बिहार के ही डॉ. अहमद रजा, मैसूर विश्वविद्यालय के डॉ. गुलाम मुस्तफा कादरी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. अब्दुल नईम अजीजी, डॉ. तौकीर हसन खां और डॉ. जियाउर रहमान शामिल हैं।