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बाल श्रम से मुक्त होंगे 35 सौ बच्चे
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बरेली। 3500 बच्चे बाल श्रम की कैद से आजाद होेंगे। इनको सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। आरटीई के तहत कुछ बच्चों को कान्वेंट स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। गुरुवार को विकास भवन में सीडीओ और श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
श्रम विभाग की तरफ से पिछले दिनों एक सर्वे कराया गया था जिसमें 3500 बच्चे विभिन्न जगहों पर मजदूरी करते मिले थे। इसमें कुछ बच्चे चाय और खाने के ढाबों में काम करते मिले थे। बड़ी संख्या में बच्चे जरी-जरदोजी का काम करते मिले थे। अभिभावकों ने आजीविका के लिए यह काम करने की बात कही थी। बैठक में चर्चा हुई कि कैसे इन बच्चों को बाल श्रम से निकालकर शिक्षित करके बाकी बच्चों की तरह मुख्यधारा में लाया जा सके। इनमें कुछ बच्चों को समाज कल्याण की ओर से चलने वाले स्कूलों में प्रवेश दिलाने के सुझाव आए। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सर्वे में 35 सौ बच्चे बाल श्रम में मिले थे, उनको स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा।
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श्रम विभाग की तरफ से पिछले दिनों एक सर्वे कराया गया था जिसमें 3500 बच्चे विभिन्न जगहों पर मजदूरी करते मिले थे। इसमें कुछ बच्चे चाय और खाने के ढाबों में काम करते मिले थे। बड़ी संख्या में बच्चे जरी-जरदोजी का काम करते मिले थे। अभिभावकों ने आजीविका के लिए यह काम करने की बात कही थी। बैठक में चर्चा हुई कि कैसे इन बच्चों को बाल श्रम से निकालकर शिक्षित करके बाकी बच्चों की तरह मुख्यधारा में लाया जा सके। इनमें कुछ बच्चों को समाज कल्याण की ओर से चलने वाले स्कूलों में प्रवेश दिलाने के सुझाव आए। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सर्वे में 35 सौ बच्चे बाल श्रम में मिले थे, उनको स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा।
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