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कमांडेंट साहब! एसडीएम को छोड़कर भागने के लिए भेजे थे होमगार्ड
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बरेली। करंट से पिता-पुत्र की मौत के बाद घटनास्थल पर पहुंचे आंवला के एसडीएम को जब भड़के लोगों ने घेर लिया तो मुसीबत में फंसे एसडीएम को सुरक्षा देने के बजाय दो होमगार्ड वहां से भाग खड़े हुए। एसडीएम ने किसी तरह से खुद का बचाव किया। उसके कुछ देर बाद सीओ भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम को खतरे में छोड़कर भागे होमगार्डों पर कार्रवाई की तैयारी है। एसडीएम ने इसकी रिपोर्ट बनाकर जिला कमांडेंट (होमगार्ड) को भेज दी है।
यह वाक्या उस वक्त हुआ जब सात अगस्त को आंवला से जुड़े कस्बे आसपुर में ट्यूबवेल के पास करंट उतर आने से सालिगराम और उसे बेटे की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद राजवीर और कृष्णपाल नाम के दो होमगार्डों को साथ लेकर एसडीएम विशु राजा मौके पर पहुंच गए। उसके साथ सादी वर्दी में उनका अर्दली भी था। एसडीएम का कहना है है कि घटना के तुरंत बाद ही शांति व्यवस्था बनाए रखने की जल्दबाजी में उन्होंने पुलिस को भी इत्तिला कर दी थी, लेकिन वह पहले पहुंच गए थे। घटनास्थल पर पहुंचते हुए वहां पहले से मौजूद लोग अचानक भड़क गए और उन्होंने एसडीएम का घेर लिया। माहौल बिगड़ता देख दोनों होमगार्ड एसडीएम को उनके हाल पर छोड़कर खिसक लिए। इसके बाद एसडीएम और उनके अर्दली को खुद का बचाव करने में पीसने छूट गए। एसडीएम ने किसी तरह से लोगों को शांत किया। इस बीच वहां सीओ भी पहुंच गए।
एसडीएम ने होमगार्ड केे जिला कमांडेंट को इस मामले की रिपोर्ट देते हुए कहा कि रक्षाबंधन, ईद और कांवर यात्रा को देखते हुए कानून व्यवस्था के लिए उन्हें अक्सर जाना पड़ता है। ऐसे में राजवीर और कृष्णपाल जैसे होमगार्ड को साथ में रखना उचित नहीं है। इनके खिलाफ एक्शन लेते हुए उनके स्थान पर तेज तर्रार होमगार्ड तैनात किए जाएं।
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मुसीबत आने पर सुरक्षा के लिए लगे होमगार्डों को यूं भाग जाना ठीक नहीं है। मैंने इस संबंध में जिला कमांडेंट होमगार्ड को पूरी रिपोर्ट बनाकर दे दी है। मेरे साथ उस दिन कुछ भी वाक्या हो सकता था।
-विशु राजा, एसडीएम आंवला
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यह वाक्या उस वक्त हुआ जब सात अगस्त को आंवला से जुड़े कस्बे आसपुर में ट्यूबवेल के पास करंट उतर आने से सालिगराम और उसे बेटे की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद राजवीर और कृष्णपाल नाम के दो होमगार्डों को साथ लेकर एसडीएम विशु राजा मौके पर पहुंच गए। उसके साथ सादी वर्दी में उनका अर्दली भी था। एसडीएम का कहना है है कि घटना के तुरंत बाद ही शांति व्यवस्था बनाए रखने की जल्दबाजी में उन्होंने पुलिस को भी इत्तिला कर दी थी, लेकिन वह पहले पहुंच गए थे। घटनास्थल पर पहुंचते हुए वहां पहले से मौजूद लोग अचानक भड़क गए और उन्होंने एसडीएम का घेर लिया। माहौल बिगड़ता देख दोनों होमगार्ड एसडीएम को उनके हाल पर छोड़कर खिसक लिए। इसके बाद एसडीएम और उनके अर्दली को खुद का बचाव करने में पीसने छूट गए। एसडीएम ने किसी तरह से लोगों को शांत किया। इस बीच वहां सीओ भी पहुंच गए।
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एसडीएम ने होमगार्ड केे जिला कमांडेंट को इस मामले की रिपोर्ट देते हुए कहा कि रक्षाबंधन, ईद और कांवर यात्रा को देखते हुए कानून व्यवस्था के लिए उन्हें अक्सर जाना पड़ता है। ऐसे में राजवीर और कृष्णपाल जैसे होमगार्ड को साथ में रखना उचित नहीं है। इनके खिलाफ एक्शन लेते हुए उनके स्थान पर तेज तर्रार होमगार्ड तैनात किए जाएं।
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मुसीबत आने पर सुरक्षा के लिए लगे होमगार्डों को यूं भाग जाना ठीक नहीं है। मैंने इस संबंध में जिला कमांडेंट होमगार्ड को पूरी रिपोर्ट बनाकर दे दी है। मेरे साथ उस दिन कुछ भी वाक्या हो सकता था।
-विशु राजा, एसडीएम आंवला