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निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूली पर रोक के लिए लाएंगे अध्यादेश
बरेली
Updated Fri, 07 Apr 2017 01:28 AM IST
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प्रदेश सरकार निजी स्कूलों में दाखिलों में मनमानी और बेतहाशा ढंग से बढ़ाई जा रही फीस पर नियंत्रण के लिए जल्द ही अध्यादेश लाएगी। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर एक मसौदा भी अपलोड कर दिया गया है, जिस पर आम लोगों से सुझाव मांगे गए हैं।
वहीं सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधारने पर काफी जोर दिया जा रहा है। माध्यमिक स्कूलों में 80 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य करने के लिए योजना तैयार की जा रही है। शिक्षकों के लिए भी बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य होगा। इसके लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बताया कि निजी स्कूलों के शुल्क ढांचे को तार्किक बनाए रखने के लिए पंजाब और गुजरात समेत अन्य राज्यों में लागू नियमों का अध्ययन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने निजी स्कूलों में दाखिले और शुल्क को लेकर जल्द ही अध्यादेश लाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि अब यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 80 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी। वहीं, शिक्षकों और स्टाफ की हाजिरी बायोमीट्रिक सिस्टम से लगेगी।
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ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों पर होगी एफआईआर
राज्य सरकार ने राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के ट्यूशन पढ़ाने पर भी सख्ती बरतने का निर्णय किया है। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। तय किया गया है कि परीक्षाएं 15 दिन में संपन्न कराई जाएंगी और इसके अगले 15 दिनों में रिजल्ट भी घोषित कर दिया जाएगा। स्कूलों में पाठ्यक्रम 200 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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वहीं सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधारने पर काफी जोर दिया जा रहा है। माध्यमिक स्कूलों में 80 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य करने के लिए योजना तैयार की जा रही है। शिक्षकों के लिए भी बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य होगा। इसके लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
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प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बताया कि निजी स्कूलों के शुल्क ढांचे को तार्किक बनाए रखने के लिए पंजाब और गुजरात समेत अन्य राज्यों में लागू नियमों का अध्ययन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने निजी स्कूलों में दाखिले और शुल्क को लेकर जल्द ही अध्यादेश लाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि अब यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 80 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी। वहीं, शिक्षकों और स्टाफ की हाजिरी बायोमीट्रिक सिस्टम से लगेगी।
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ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों पर होगी एफआईआर
राज्य सरकार ने राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के ट्यूशन पढ़ाने पर भी सख्ती बरतने का निर्णय किया है। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। तय किया गया है कि परीक्षाएं 15 दिन में संपन्न कराई जाएंगी और इसके अगले 15 दिनों में रिजल्ट भी घोषित कर दिया जाएगा। स्कूलों में पाठ्यक्रम 200 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।