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नए साल में कैसे होंगे मोतियाबिंद के ऑपरेशन जिला अस्पताल में लेंसों का स्टाक खत्म होने की कगार पर
बरेली
Updated Tue, 16 Dec 2014 09:15 PM IST
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जिला अस्पताल में अंधता निवारण कार्यक्रम बस ठप होने वाला है। मोतियाबिंद के रोगियों के आपरेशन के लिए अब यहां सौ नॉन फोल्डेबल लेंस ही बचे हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर का महीना खत्म होते-होते यह स्टाक निपट जाएगा और फिर जनवरी से यहां मुफ्त ऑपरेशन बंद हो जाएंगे। जिला अस्पताल प्रशासन के मुताबिक दो बार लेंसों की डिमांड लखनऊ भेजी जा चुकी है लेकिन लेंसों की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
जिला अस्पताल में सितंबर से लेकर मार्च तक मोतियाबिंद के आपरेशन होते हैं। इनका औसत एक महीने में तीन सौ से चार सौ तक का होता है। सितंबर में जिला अस्पताल में 800 लेंस का स्टाक बचा था। इसके बाद यहां से लेंसों की आपूर्ति आसपास के दूसरे जिलाें में भी कर दी गई। इससे स्टॉक और जल्दी निपट गया। अब जिला अस्पताल में सिर्फ सौ लेंस बचे हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर में ही यह स्टाक भी निपट जाएगा।
लखनऊ से मांगे एक हजार लेंस
आपरेशन के लिए एक हजार लेंस की डिमांड लखनऊ भेजी गई है। लेकिन अभी तक सप्लाई नहीं आई है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से टेंडर न होने से लेंस की सप्लाई नहीं हो रही थी लेकिन सात दिसंबर को लखनऊ में टेंडर हो चुका है, इसलिए अब जल्द सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। वैसे मोतियाबिंद आपरेशन के लिए लेंस का संकट होने पर रोगी कल्याण समिति से क्षेत्रीय स्तर पर लेंस की खरीद की जा सकती है। लखनऊ समेत कई जिलों में ऐसे ही काम चल रहा है।
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वर्जन--
‘पांच- पांच सौ करके लेंस की दो बार डिमांड दो बार लखनऊ भेजी जा चुकी है। अभी तक टेंडर न होने से समस्या आ रही थी। अब सूचना मिली है कि टेंडर हो गया है। सप्लाई होते ही लेंस मुहैया करा दिए जाएंगे।’ -डॉ. आलोक चंद्रा, प्रभारी, अंधता निवारण कार्यक्रम, सीएमओ कार्यालय
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जिला अस्पताल में सितंबर से लेकर मार्च तक मोतियाबिंद के आपरेशन होते हैं। इनका औसत एक महीने में तीन सौ से चार सौ तक का होता है। सितंबर में जिला अस्पताल में 800 लेंस का स्टाक बचा था। इसके बाद यहां से लेंसों की आपूर्ति आसपास के दूसरे जिलाें में भी कर दी गई। इससे स्टॉक और जल्दी निपट गया। अब जिला अस्पताल में सिर्फ सौ लेंस बचे हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर में ही यह स्टाक भी निपट जाएगा।
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लखनऊ से मांगे एक हजार लेंस
आपरेशन के लिए एक हजार लेंस की डिमांड लखनऊ भेजी गई है। लेकिन अभी तक सप्लाई नहीं आई है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से टेंडर न होने से लेंस की सप्लाई नहीं हो रही थी लेकिन सात दिसंबर को लखनऊ में टेंडर हो चुका है, इसलिए अब जल्द सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। वैसे मोतियाबिंद आपरेशन के लिए लेंस का संकट होने पर रोगी कल्याण समिति से क्षेत्रीय स्तर पर लेंस की खरीद की जा सकती है। लखनऊ समेत कई जिलों में ऐसे ही काम चल रहा है।
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वर्जन--
‘पांच- पांच सौ करके लेंस की दो बार डिमांड दो बार लखनऊ भेजी जा चुकी है। अभी तक टेंडर न होने से समस्या आ रही थी। अब सूचना मिली है कि टेंडर हो गया है। सप्लाई होते ही लेंस मुहैया करा दिए जाएंगे।’ -डॉ. आलोक चंद्रा, प्रभारी, अंधता निवारण कार्यक्रम, सीएमओ कार्यालय